Saturday, 29 August 2026

आईआईएस, जयपुर में 'विकसित भारत 2047 में महिलाओं और शिक्षा की भूमिका' पर परिचर्चा: उपराष्ट्रपति धनखड़ का संबोधन


आईआईएस, जयपुर में 'विकसित भारत 2047 में महिलाओं और शिक्षा की भूमिका' पर परिचर्चा: उपराष्ट्रपति धनखड़ का संबोधन

जयपुर: आईआईएस (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) में शनिवार को 'विकसित भारत 2047 में महिलाओं और शिक्षा की भूमिका' विषय पर आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महिला और शिक्षा राष्ट्र को 'विकसित भारत' की ओर ले जाने वाले रथ के दो पहिए हैं।

कार्यक्रम से पूर्व उपराष्ट्रपति  जगदीप धनखड़और उनकी धर्मपत्नी ने अपनी माता की स्मृति में वृक्षारोपण किया। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक गुप्ता ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार प्रकट किया।

विकसित भारत के लिए शिक्षा और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति  जगदीप धनखड़ने इस बात पर जोर दिया कि 'विकसित भारत' के लिए सही तंत्र बनाने की आवश्यकता है और आत्मनिर्भर भारत को आकार देने में शिक्षा, विशेष रूप से महिला शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने शिक्षा और महिलाओं को राष्ट्र की अर्थव्यवस्था के दो पहिए बताया, जो भारत को आगे ले जाएंगे।

प्रति व्यक्ति आय 8 गुना बढ़ाने की जरूरत
धनखड़ ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र का दर्जा दिलाने के लिए प्रति व्यक्ति आय को 8 गुना बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने भारतीय समाज की कार्यप्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन की अपील करते हुए कहा कि हमें सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।

एनईपी 2020 की सराहना
उपराष्ट्रपति ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की प्रशंसा की, जो छात्रों को डिग्री-उन्मुख शिक्षा से दूर करते हुए गुणवत्तापूर्ण और उद्देश्यपूर्ण शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति देती है। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक संतुलन का एक महत्वपूर्ण उपकरण बताया और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए समावेशी शिक्षा को आवश्यक बताया।

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