



जयपुर से दिल्ली तक मुख्य नगर नियोजक (सीटीपी) पद के लिए दावेदारों में हलचल तेज हो गई है। मौजूदा सीटीपी संदीप दंडवते 30 सितम्बर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिसके बाद नए सीटीपी की नियुक्ति की जानी है। इस पद के लिए चार प्रमुख अधिकारी दावेदारी कर रहे हैं, जिनमें से तीन मुख्य नगर नियोजक स्तर के हैं और एक अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक स्तर का अधिकारी है।
दावेदारों में प्रमुख नाम
इस रेस में शामिल प्रमुख नामों में जेडीए (जयपुर विकास प्राधिकरण) के निदेशक आयोजना विनय कुमार दलेला, नगर नियोजन विभाग के आरके तुलारा, अजमेर विकास प्राधिकरण में अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक मुकेश मित्तल, और आवासन मंडल में नियुक्त अनिल माथुर हैं।
दिल्ली तक संपर्क साधने की कोशिशें
सूत्रों के मुताबिक, चारों दावेदारों में से दो ने दिल्ली तक अपने संपर्क बढ़ा लिए हैं। भजनलाल सरकार योग्यता के आधार पर नियुक्ति करने के लिए होमवर्क कर रही है, भले ही कोई वरिष्ठता में आगे हो या न हो।
सीटीपी का महत्व
मुख्य नगर नियोजक का पद नगरीय विकास से जुड़ी सबसे पावरफुल पोस्ट मानी जाती है। शहरों के मास्टर प्लान से लेकर बड़े इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट्स में सीटीपी की राय अहम होती है। शहरों के सुनियोजित विकास की जिम्मेदारी भी इसी पद के अधिकारी की होती है, जो नगरीय निकायों के साथ मिलकर काम करता है।