



राजस्थान विश्वविद्यालय के कैंपस नर्सरी स्कूल और शारीरिक शिक्षा विभाग (योग केंद्र) के संयुक्त तत्वावधान में "वात्सल्य-योग" कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों और बच्चों के बीच योग के माध्यम से गहरे और सशक्त संबंध स्थापित करना था।
कार्यशाला के मुख्य मार्गदर्शक और प्रमुख प्रशिक्षक, डॉ. शैलेश मौर्य ने योग के महत्व और इसके परिवारिक जीवन में योगदान पर गहन चर्चा की। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली के लिए 27 प्रकार की योग मुद्राओं को दिनचर्या में शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में डॉ. पारुल मित्तल, निदेशिका, कैंपस नर्सरी स्कूल, और प्रो. सरीना कालिया, विभागाध्यक्ष, शारीरिक शिक्षा विभाग ने अभिभावकों और बच्चों को योग के प्रति जागरूक और प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में डॉ. राजेश कुमार शर्मा, निदेशक, गोधी भवन का भी अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग रहा।
कार्यशाला के दौरान, अभिभावकों और बच्चों ने योग के माध्यम से अपने पारिवारिक जीवन में सामंजस्य स्थापित करने के नए आयामों को समझा। प्रतिभागियों ने योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।