



मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में तैनात नौ अफसरों की जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा किया गया है। इनमें आईएएस, आईएफएस और आरएएस अधिकारी शामिल हैं। इस बदलाव के तहत सीएमओ के विशिष्ट सचिव, संयुक्त सचिव और ओएसडी सहित अन्य अधिकारी अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे और मुख्यमंत्री कार्यालय से विभिन्न विभागों की मॉनिटरिंग और फीडबैक का काम करेंगे। यह बदलाव हाल ही में हुए आईएएस और आरएएस अधिकारियों के तबादलों के बाद किया गया है।
संदेश नायक को पीएचईडी और माइंस की जिम्मेदारी
विशिष्ट सचिव संदेश नायक को जलदाय विभाग (पीएचईडी), जल संसाधन, इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी), माइंस एंड पेट्रोलियम, स्टेट सर्विस डिलीवरी वार रूम और चीफ मिनिस्टर्स इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीएमआईएस) सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा सौंपा गया है। साथ ही, उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड पब्लिक रिलेशन्स (डीआईपीआर) की जिम्मेदारी भी दी गई है।
अन्य अफसरों की जिम्मेदारियां:
टीजे कविता, प्रिंसिपल ओएसडी: वन, पर्यावरण, स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, ट्रांसपोर्ट, सिविल एविएशन, पीडब्ल्यूडी, कैबिनेट, सीएमआरएफ, टूरिज्म, आर्ट एंड कल्चर, आर्कियोलॉजी, म्यूजियम्स, जीएडी, मोटर गैरेज और आरटीआई एक्ट।
अंजू राजपाल, ज्वाइंट सेक्रेटरी: मेडिकल एंड हेल्थ, मेडिकल एजुकेशन, आयुर्वेद, फैमिली वेलफेयर, डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल, ट्राइबल एरिया डेवलपमेंट, वुमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट।
सिद्धार्थ सिहाग, ज्वाइंट सेक्रेटरी: उद्योग, एमएसएमई, खादी और ग्रामोद्योग, बीआईपी, ईएसआईसी, पीएसयूएस, रीको, कानून और न्याय, वित्त, कर, उत्पाद शुल्क, लघु बचत और सामान्य प्रावधायी निधि।
जगवीर सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी: ग्रामीण विकास, पंचायती राज, जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, श्रम, रोजगार, कौशल विकास, कारखाना और बॉयलर, आईटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, कृषि और पशुपालन।
ओपी बुनकर, ज्वाइंट सेक्रेटरी: शहरी विकास, स्थानीय निकाय, सहकारिता, संसदीय मामले, चुनाव, आपदा प्रबंधन, सामाजिक न्याय और अधिकारिता, अल्पसंख्यक मामले और वक्फ।
जयप्रकाश नारायण, उपसचिव: राजस्व, सैनिक कल्याण, देवस्थान, उच्च और तकनीकी शिक्षा, प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा, जनशक्ति, सांख्यिकी, अर्थव्यवस्था, और जन अभियोग निराकरण।
शिकायत निवारण का जिम्मा
सीएमओ में ओएसडी राजकुमार सिंह और उपसचिव मनोज कुमार को लोक शिकायत निवारण का जिम्मा सौंपा गया है, जो राज्यभर से आने वाली शिकायतों के समाधान के लिए काम करेंगे।
इस नए कामकाज के बंटवारे से मुख्यमंत्री कार्यालय में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और मॉनिटरिंग को प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है, जिससे सरकार के कार्यों की गति और गुणवत्ता में सुधार आएगा।