



1 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे पर्यटन सीजन के मद्देनजर, राजस्थान पर्यटन विभाग ने एक नई कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना के तहत राजस्थान पर्यटन इकाई नीति (आरटीयूपी-2024) के अंतर्गत नई पर्यटन इकाइयों को भी शामिल किया जाएगा। इससे संबंधित ड्राफ्ट को विभिन्न विभागों को भेजा गया है, और 30 सितंबर तक प्राप्त सुझावों को समाहित कर 15 अक्टूबर को नई पर्यटन नीति जारी की जाएगी।
नई इकाइयों को मिलेंगी सुविधाएं: पर्यटन नीति में हेरिटेज रेस्टोरेंट, ग्रामीण पर्यटन, ईको पर्यटन, हैल्थ रिसोर्ट, योग एवं ध्यान केंद्र, वेलनेस सेंटर, स्टूडियो अपार्टमेंट, टूर ऑपरेटर, ट्रेवल एजेंट और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी जैसी नई इकाइयों को भी पर्यटन इकाइयों के रूप में मान्यता दी जाएगी। इन इकाइयों पर बिजली, नगरीय विकास, और भवन अनुमोदन के लिए औद्योगिक दरें लागू होंगी।
नई नीति के प्रमुख बिंदु:दिसंबर में होने वाले राइजिंग राजस्थान को ध्यान में रखते हुए इन पर्यटन इकाइयों को मुख्यधारा में जोड़ा जाएगा, जिससे निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।नई नीति के तहत लाइसेंस की सालाना बाध्यता को समाप्त कर, 10 साल का एकमुश्त लाइसेंस देने की योजना बनाई गई है।आवासीय क्षेत्रों में होटल्स और अन्य पर्यटन इकाइयों के नियमन के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने और कौशल विकास के लिए प्रति कर्मचारी 12,500 रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
पर्यटन में वृद्धि: 2022 की तुलना में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 6 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। जयपुर में 2022 में 1.59 लाख विदेशी पर्यटक आए थे, जो 2023 में बढ़कर 8.72 लाख हो गए हैं। घरेलू पर्यटकों में 65.29% और विदेशी पर्यटकों में 32.9% की वृद्धि देखी गई है। दिल्ली, आगरा और जयपुर को मिलाकर बनने वाले गोल्डन ट्राइएंगल टूरिज्म सर्किट को और विकसित करने की योजना है।
पर्यटन नीति के लाभ: पर्यटन सचिव रवि जैन के अनुसार, कैबिनेट से अनुमोदन मिलते ही पर्यटन इकाई नीति 2024 को लागू किया जाएगा। इसके बाद, सभी पर्यटन इकाइयों को राज्य में लागू राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत लाभ प्राप्त होंगे।
हेरिटेज संरक्षण के लिए कार्ययोजना: इस साल बारिश के कारण चारदीवारी को हुए नुकसान के मद्देनजर, विश्व विरासत स्थलों के प्रति आकर्षण बढ़ाने के लिए यूनेस्को के साथ एक कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत भारत सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इंवेस्टमेंट स्कीम के तहत 100 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है। जल्द ही इस दिशा में काम शुरू होगा।