



हाईकोर्ट ने फर्जी एनओसी के जरिए ऑर्गन ट्रांसप्लांट से जुड़े मामले में आरोपी फोर्टिस हॉस्पिटल के डॉक्टर्स संदीप गुप्ता और जितेंद्र गोस्वामी सहित कंपाउंडर भानू लववंशी को जमानत दे दी है। जबकि किडनी ट्रांसप्लांट करवाने वाले बांग्लादेशी नागरिक अहसान उल कोबिर, नुरूल इस्लाम, सुखमय नंदी, सुमन जाना, और कोऑर्डिनेटर विनोद सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
जस्टिस गणेश राम मीना ने गुरुवार को इन जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि डॉक्टर संदीप गुप्ता ने अस्पताल प्रशासन द्वारा प्रस्तुत एनओसी के बाद ही ऑपरेशन किया था, इसलिए उन्हें और डॉक्टर जितेंद्र गोस्वामी को फर्जी एनओसी में शामिल नहीं माना जा सकता।
बांग्लादेशी नागरिक नुरूल इस्लाम और अन्य के खिलाफ फर्जी एनओसी के जरिए ऑर्गन ट्रांसप्लांट करवाने का अपराध प्रथम दृष्टया साबित होता है, और इसे एक गंभीर अपराध मानते हुए उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं।