



भाजपा के प्रदेश संगठन में पद पाने की दौड़ और युवा मोर्चा की सूची को लेकर अंदरखाने विवाद बढ़ता जा रहा है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष अंकित चेची को बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं, और इस सप्ताह वे स्वयं पार्टी हाईकमान को इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं। विवाद की वजह उनकी तैयार की गई पदाधिकारियों की सूची है, जिसे संगठन ने जारी करने के कुछ ही मिनटों बाद रोक दिया था।
यह सूची 14 महीनों के लंबे इंतजार के बाद आई थी, जिससे कई लोगों को उम्मीदें थीं। जिन्हें सूची में जगह मिली, वे खुश नहीं हैं, और जिनके नाम छूट गए, वे भी नाराज चल रहे हैं। सूची को लेकर बड़े नेताओं द्वारा जमकर लॉबिंग की गई थी, लेकिन कई नामों का न होना नाराजगी का कारण बना है।
प्रदेश भाजपा संगठन में बदलाव के आसार: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को अपनी कार्यकारिणी घोषित करनी है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि बड़े स्तर पर बदलाव देखने को नहीं मिलेंगे। नई टीम में नए और पुराने चेहरों का संतुलन बना रहेगा। जिलाध्यक्षों में भी व्यापक बदलाव की संभावना नहीं है, जबकि मुख्य कार्यकारिणी में कुछ नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, मुकेश दाधीच और जितेंद्र गोठवाल सहित कुछ चेहरों को सरकार में बोर्ड आदि की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
अंकित चेची का बयान: सूची की वापसी से युवा मोर्चा में मायूसी जाहिर है। अंकित चेची ने कहा, "सूची की वापसी से मायूसी लाजमी है। हालांकि अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है, अगर कुछ होगा तो बता दूंगा।"