



रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को राजस्थान के सवाई माधोपुर से कोटा के बीच 108 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक पर 'कवच 4.0' का ट्रायल देखा। इस अवसर पर उन्होंने सवाई माधोपुर से सुमेरगंज मंडी तक ट्रेन के लोको पायलट के साथ सफर किया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेलवे को 100 प्रतिशत सुरक्षित बनाने के लिए कवच 4.0 एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अत्याधुनिक तकनीक की मदद से लोको पायलट इंजन में बैठे-बैठे ही 7 किलोमीटर दूर के सिग्नल की जानकारी प्राप्त कर सकता है। अगर कोई आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होती है या ट्रेन की गति कम करने की जरूरत होती है, तो कवच 4.0 स्वतः ही ट्रेन की स्पीड को नियंत्रित कर लेता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाती है।
रेल मंत्री ने अश्विनी वैष्णव कहा कि भारतीय रेलवे को पूरी तरह से सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए यह कवच 4.0 सिस्टम अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यह तकनीक न केवल सिग्नल की स्थिति का पूर्वानुमान देती है, बल्कि ट्रेन की गति, दिशा और संचालन में भी सुधार करती है। कवच 4.0 के जरिए रेलवे ट्रैक्स पर मानवीय गलतियों की संभावना को कम किया जा सकेगा और दुर्घटनाओं से बचाव सुनिश्चित होगा।