Saturday, 29 August 2026

जेडीए में अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा फाइलों की अनावश्यक पेंडेंसी को लेकर सख्त कार्रवाई शुरू,सचिव ने 23 को नोटिस जारी


जेडीए में अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा फाइलों की अनावश्यक पेंडेंसी को लेकर सख्त कार्रवाई शुरू,सचिव ने 23 को नोटिस जारी

जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) में अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा फाइलों की अनावश्यक पेंडेंसी को लेकर अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जेडीए में आम जनता की फाइलें, जो सात दिन के भीतर निस्तारित होनी चाहिए, अधिकारी और कर्मचारी 35-40 दिन तक भी निपटा नहीं रहे थे। इस लापरवाही को देखते हुए, जेडीए सचिव निशांत जैन ने कार्रवाई करते हुए 23 अधिकारी और कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं।

यह नोटिस इसलिए जारी किया गया क्योंकि फाइलों की पेंडेंसी की जांच में यह पाया गया कि कई जोन में अधिकारी तय समय सीमा के भीतर फाइलें निस्तारित नहीं कर रहे थे। उदाहरण के लिए, जोन-13 में सहायक प्रशासनिक अधिकारी ने 36 फाइलें, पीआरएन साउथ प्रथम में तहसीलदार ने 25 फाइलें और जोन 9 में सहायक प्रशासनिक अधिकारी ने 11 फाइलें दो से तीन सप्ताह तक रोकी हुई थीं। कुल मिलाकर, 151 फाइलें कई हफ्तों से रुकी हुई पाई गईं।

फाइलों को विभिन्न स्तरों पर रोके जाने की यह समस्या केवल किसी एक जोन तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी जोन में एक समान स्थिति पाई गई है। जेडीए के अधिकारियों के लिए सात दिन से ज्यादा किसी फाइल को पेंडिंग रखना नियमों के खिलाफ है, फिर भी पट्टों, सब डिवीजन और नाम ट्रांसफर जैसी फाइलें हर स्तर पर रोककर रखी जा रही हैं। इस लापरवाही के चलते उपायुक्त, तहसीलदार, एईएन, जेईएन, पटवारी, अमीन, कनिष्ठ सहायक, ड्राफ्टमैन और सहायक प्रशासनिक अधिकारी जैसे पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

पहली बार जेडीए में इतने बड़े पैमाने पर अधिकारी और कर्मचारियों को एकसाथ नोटिस जारी किए गए हैं। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने फाइल पेंडेंसी के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए 23 अधिकारी और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है, जिनमें उपायुक्त दीपक खटाना, तहसीलदार कोमल शर्मा, नरेंद्र चौहान, सीमा शर्मा, मानवेन्द्र जायसवाल, सहायक लेखाकार अजीत कुमार जैन, कनिष्ठ सहायक आकाश, हनुमान सहाय सेन, शोभा शर्मा, सहायक प्रशासनिक अधिकारी अंबाली शर्मा, राकेश मौर्य, नरेश कुमार शर्मा, वरिष्ठ सहायक कृष्ण मोहन टांक, आशीष बैरवा, आशीष प्रताप शर्मा, जेईएन बाला मीना, पटवारी देवेंद्र सिंह, कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार, वरिष्ठ प्रारूपकार राजेश कुमार शेषमा, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रामप्रसाद मीणा, वरिष्ठ सहायक रमेश कुमार मीणा, सहायक प्रशासनिक अधिकारी रामफूल मीणा और सोनू मीणा शामिल हैं।

इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को फाइलों को निर्धारित समय सीमा से अधिक समय तक रोकने के लिए तीन दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। जेडीए सचिव निशांत जैन द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई का उद्देश्य फाइलों के निस्तारण में हो रही देरी को समाप्त करना और आमजन के काम को तेजी से पूरा करना है।

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