



अजमेर जिले के रूपनगढ़ में जमीनी विवाद के चलते गोली लगने से एक मजदूर की मौत के बाद मृतक का परिवार सदमे में है। मृतक की पत्नी और चार बच्चों ने अस्पताल के बाहर धरना दिया, जहां वे मुआवजा और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे। परिवार ने यह स्पष्ट कर दिया था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे।
मृतक की पत्नी ने भावुक होते हुए कहा, "मेरा हीरो चला गया," और परिवार न्याय की गुहार लगा रहा था। इसके बाद एसडीएम पदमा देवी धरना स्थल पर पहुंचीं और समझाइश के बाद परिवार पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गया।
इस मामले में अजमेर रेंज के डीआईजी ओमप्रकाश ने दो आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। साथ ही पूर्व विधायक के बेटे भंवर सिनोदिया हत्याकांड के मुख्य आरोपी बलभाराम जाट का नाम भी इस मामले में सामने आया है।
बलभाराम जो कि हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है, पर आरोप है कि उसने जेल से ही अपने भांजे के मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए पीड़ित को एक दिन पहले धमकाया था। पीड़ित को यह धमकी दी गई थी कि यदि वह जमीन पर काम करेगा तो उसे जान से हाथ धोना पड़ेगा। अब पुलिस इस मामले में बलभाराम की भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है।
फायरिंग की घटना के मामले में पुलिस ने अब तक 4 आरोपियों को दस्तयाब किया है, जिनमें से 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और नामजद रिपोर्ट के आधार पर शेष आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही है। इस मामले में डीआईजी ओमप्रकाश ने बताया कि दिनेश और हनुमान नामक आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है, जबकि शेष आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम रखा गया है।
डीआईजी ओमप्रकाश ने बताया कि रुपनगढ़, परबतसर और किशनगढ़ में सक्रिय एक गैंग इस वारदात में शामिल है। इस गैंग ने 2023 के अक्टूबर में परबतसर इलाके में एक जमीनी विवाद को अंजाम दिया था। तब पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन उनके खिलाफ अब तक चालान पेश नहीं हो पाया है।
इस गैंग के सदस्य लगातार ऐसे अपराधों को अंजाम दे रहे हैं, और रुपनगढ़ फायरिंग मामले में किशनगढ़ के पूर्व विधायक नाथूराम सिनोदिया के बेटे भंवर सिनोदिया हत्याकांड के आरोपी बलवाराम के बेटे का नाम भी सामने आ रहा है। पुलिस जांच में जो भी व्यक्ति इस वारदात से जुड़ा हुआ पाया जाएगा, उसे सख्ती से गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, आरोपियों को किसी भी प्रकार की मदद करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मजदूर शकील मोहम्मद की मौत के बाद परिवार धरने पर, मुआवजे और सजा की मांग
रूपनगढ़ में जमीनी विवाद के दौरान गोलीबारी में मारे गए मजदूर शकील मोहम्मद का परिवार जेएलएन हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठा है। शकील की पत्नी आसमीन ने बताया कि उनका पति सुबह 8 बजे काम पर टिफिन लेकर निकला था, लेकिन दोपहर 1 बजे खबर आई कि उसे गोली लग गई है। आसमीन के अनुसार, शकील परिवार का एकमात्र सहारा था और उसके चार बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी, जिसमें से एक बेटा बोल नहीं सकता।
आसमीन ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, "उसका इस पूरे मामले में कोई लेना-देना नहीं था। वह बेवजह मारा गया।"
शकील के चाचा मोहम्मद शफीक ने बताया कि वे रूपनगर के रामसर इलाके में रहते हैं, और शकील पिछले 4 साल से रूपनगर में काम कर रहा था। रविवार को भी वह काम करने गया था, जब कुछ लोग वहां आए और फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में शकील को गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहा है और दोषियों के लिए फांसी की सजा की गुहार लगा रहा है। शफीक ने कहा, "जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हम पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे और धरना जारी रहेगा।" परिवार के सदस्य, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं, रात से भूखे-प्यासे धरने पर बैठे हैं।
रविवार को जैन छात्रावास के बाहर हुई फायरिंग के कारण रुपनगढ़ में तनाव का माहौल पैदा हो गया था, लेकिन सोमवार को कस्बे के बाजार फिर से खुल गए। कारोबारी मोहनराम पूनिया ने बताया कि फायरिंग की घटना के बावजूद विवाद की आंच बाजारों तक नहीं पहुंची, जिससे राहत मिली है। सरकारी दफ्तर भी खुले हुए हैं और कस्बे में जनजीवन सामान्य हो रहा है।
पुलिस की ओर से मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है, ताकि रुपनगढ़ और आसपास के इलाके में शांति और सुरक्षा बनी रहे।