



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर शहर और ग्रामीण की कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए जयपुर कमिश्नरेटऔर ग्रामीण आईजी में नए और अनुभव वाले अधिकारियों को लगाया गया है। लंबे समय से जयपुर कमिश्नरेट में एडिशनल सीपी क्राइम, कानून व्यवस्था और जयपुर ग्रामीण की जिम्मेदारी संभाल चुके आईजी अजयपाल लांबा को अब जयपुर रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जयपुर ग्रामीण में जाट समुदाय का अधिक वर्चस्व के कारण लांबा को नियुक्त किया गया है।
कुंवर राष्ट्रदीप को भी जयपुर कमिश्नरेट में प्रमुख जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) के रूप में कैलाश बिश्नोई की जगह नियुक्त किया है। राष्ट्रदीप पहले डीसीपी ईस्ट के रूप में भी जयपुर में काम कर चुके हैं, और उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी दी गई है।
तेजस्वनी गौतम, जो बस्सी में प्रशिक्षु रह चुकी हैं और एसपी बीकानेर के रूप में कार्य कर रही थीं, को डीसीपी जयपुर ईस्ट नियुक्त किया है। यह क्षेत्र अपराध के दृष्टिकोण से संवेदनशील है, और गौतम का बड़े जिलों जैसे अलवर और बीकानेर में अनुभव उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाता है।
एडिशनल सीपी यातायात के पद पर काम कर चुके योगेश दाधीच को अब एडिशनल कमिश्नर के रूप में एसओजी से नियुक्त किया गया है। दाधीच के पास जयपुर कमिश्नरेट में काम करने का लंबा अनुभव है, और उन्होंने यहां कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए बेहतरीन काम किया है। जयपुर में उनका ग्राउंड कनेक्ट काफी मजबूत है, और उनके अनुभव के आधार पर उन्हें यह नई जिम्मेदारी दी गई है।
डॉ. रामेश्वर सिंह, जो पहले डीसीपी हैडक्वार्टर और एडिशनल कमिश्नर ट्रैफिक रह चुके हैं, को अब जयपुर में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। सिंह के पास कमिश्नरेट में काम करने का लंबा अनुभव है, जो उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाता है
2018 बैच के आईपीएस अधिकारी कुंदन कंवरिया, जो पहले एसपी बालोतरा के पद पर थे को अब डीसीपी क्राइम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंवरिया का अब तक का कार्यकाल काफी सफल रहा है, और उन्हें क्राइम के क्षेत्र में इस नई भूमिका में चुनौतियों का सामना करना होगा।
इन तबादलों से जयपुर में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की कोशिश की जा रही है, और इन अधिकारियों के अनुभव और कार्यकुशलता से जयपुर में शांति और सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।