Saturday, 29 August 2026

राजस्थान भाजपा युवा मोर्चा की कार्यकारिणी की सूची घोषित विवादों में , 53 मिनट बाद ही वापस ली गई


राजस्थान भाजपा युवा मोर्चा की कार्यकारिणी की सूची घोषित विवादों में , 53 मिनट बाद ही वापस ली गई

भाजपा के राजस्थान युवा मोर्चा (भाजयुमो) की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा रविवार को की गई। यह घोषणा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर की गई थी, जिसमें कुल 55 सदस्यों को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया था। हालाँकि सूची जारी होने के महज 53 मिनट बाद इसे वापस ले लिया गया।

अंकित चेची की अध्यक्षता में युवा मोर्चा की इस कार्यकारिणी में कई प्रमुख पदों पर नियुक्तियाँ की गई थीं। लेकिन, सूची जारी होने के बाद से ही इसके खिलाफ असंतोष और विरोध के स्वर उठने लगे थे, जिसके चलते इसे वापस ले लिया गया। बीजेपी मीडिया प्रकोष्ठ ने शाम 7 बजे यह सूची जारी की थी, लेकिन करीब 53 मिनट बाद ही इसे डिलीट कर दिया गया। मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया कि सूची त्रुटिपूर्ण तरीके से जारी हो गई थी और इसे अपरिहार्य कारणों से रोक दिया गया है।

कार्यकारिणी में शामिल प्रमुख नाम:

  1. श्रीकांत वर्मा (चूरू) – प्रदेश उपाध्यक्ष

  2. श्री रामसिंह तंवर (नागौर) – प्रदेश उपाध्यक्ष

  3. श्री विजय मीणा (भरतपुर) – प्रदेश उपाध्यक्ष

  4. श्री यशवर्धन सिंह (धौलपुर) – प्रदेश महामंत्री

  5. श्री जयंत सोनी (बीकानेर) – प्रदेश महामंत्री

  6. श्री अनूप सिंह (बांसवाड़ा) – प्रदेश महामंत्री

  7. श्री जसवंत सिंह (बाड़मेर) – प्रदेश मंत्री

  8. श्री दीपक बंसल (अलवर) – प्रदेश मंत्री

  9. श्री देवेंद्र सिंह चौधरी (उदयपुर) – प्रदेश मंत्री

इस सूची में कुल 55 सदस्यों को स्थान दिया गया था, जिनमें उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री, और अन्य पदों पर नियुक्तियाँ शामिल थीं। सूची में उपाध्यक्ष, महामंत्री, और प्रदेश मंत्री के अलावा कार्यसमिति सदस्य और जिला प्रभारी भी शामिल थे।

सूची जारी होने के बाद भाजपा के अंदरूनी हलकों में विरोध शुरू हो गया था। सूत्रों के अनुसार, कार्यकारिणी में शामिल किए गए कुछ नामों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था, जिसके कारण सूची को वापस लेने का फैसला लिया गया। पार्टी के नेताओं का कहना है कि जल्द ही इस सूची को संशोधित कर दोबारा जारी किया जाएगा।

अब भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच नई सूची को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगली सूची में किन्हें जगह मिलती है और क्या विवादों का समाधान हो पाता है।

इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि भाजपा में संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर जब युवा मोर्चा जैसी महत्वपूर्ण इकाई की बात हो।

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