



जयपुर के मुख्यमंत्री आवास (सीएम हाउस) के गेट नंबर 8 पर शुक्रवार रात एक 6 फीट लंबा कोबरा सांप देखा गया। सांप के दिखाई देने पर सीएम हाउस के जवान और अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली गई। होप एंड बियॉन्ड एनजीओ के प्रशिक्षित विशेषज्ञों के सदस्य प्रणय सिंह ने सांप को सुरक्षित रूप से पकड़ा और रेस्क्यू कर झालाना के जंगल में छोड़ दिया।
प्रणय सिंह ने बताया कि सांप को शुक्रवार रात करीब 2 बजे मुख्यमंत्री आवास के गेट के पास एक छोटे बगीचे में देखा गया था। सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम 3 बजे वहां पहुंची। उन्होंने बताया कि सांप गुस्से में था क्योंकि कई लोग उसके पास आ रहे थे और कुछ लोग टॉर्च की रोशनी उस पर डाल रहे थे। कुछ मिनटों की मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया और शनिवार सुबह उसे झालाना के जंगल में छोड़ दिया गया।
होप एंड बियॉन्ड एनजीओ के चेयरमैन डॉ. जॉय गार्डनर ने बताया कि पकड़ा गया सांप एक स्पेक्टिकल कोबरा था। कोबरा भारत के सबसे खतरनाक और जहरीले सांपों में से एक है। भारत में सबसे अधिक मौतें जिन सांपों के काटने से होती हैं, उनमें कोबरा, करैत, रसल वाइपर और सॉ स्केल्ड वाइपर शामिल हैं। इन चार सांपों को 'बिग फोर' के रूप में जाना जाता है।
डॉ. गार्डनर ने बताया कि जयपुर में अगर 100 सांपों का रेस्क्यू होता है, तो उनमें से 50 से 60 प्रतिशत सांप स्पेक्टिकल कोबरा होते हैं। इन दिनों सांपों के अधिक बाहर निकलने का कारण मौसम में नमी और उमस है, क्योंकि लंबे समय से बारिश नहीं हुई है। उमस के कारण जमीन के अंदर का तापमान बढ़ गया है, जिससे सांप बाहर निकल रहे हैं।