Saturday, 29 August 2026

जयपुर एसीबी ने तूंगा थाने के तत्कालीन सीआई और रीडर पर रिश्वत मांगने का किया मामला दर्ज


जयपुर एसीबी ने तूंगा थाने के तत्कालीन सीआई और रीडर पर रिश्वत मांगने का किया मामला दर्ज

जयपुर की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने तूंगा थाने के तत्कालीन सर्किल इंस्पेक्टर (सीआई) महेश कुमार और उनके रीडर अशोक कुमार के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया है। रीडर अशोक कुमार ने पीड़ित से 50 हजार रुपए की मांग की थी, जिसे सीआई महेश कुमार के लिए बताया गया था। पीड़ित ने इस मामले की जानकारी एसीबी को दी, जिसके बाद एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया और इसकी पुष्टि भी हो गई। हालांकि, ट्रैप प्लान नहीं हो सका क्योंकि आरोपियों को पीड़ित पर शक हो गया था। इसके बाद एसीबी ने सीआई और रीडर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

मामला कैसे शुरू हुआ?

परिवादी ने एसीबी को बताया कि उसके भाइयों के साथ जमीन को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले में 15 मई 2024 को भाइयों ने जमीन विवाद, छेड़छाड़ और मारपीट की एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसकी जांच सीआई महेश कुमार के पास थी। कुछ दिनों बाद परिवार के दोनों पक्षों में सहमति हो गई और राजीनामा तैयार कर थाने में जमा कर दिया गया।

50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग

राजीनामे के बाद, सीआई के रीडर अशोक कुमार ने पीड़ित को फोन कर बताया कि एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाने के लिए सीआई महेश कुमार 50 हजार रुपए मांग रहे हैं। पीड़ित ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जब दोनों पक्षों के बीच सहमति हो चुकी है, तो पुलिस को पैसे देने की जरूरत क्यों है। लेकिन इसके बावजूद रीडर बार-बार पैसे की मांग और धमकियां देता रहा।

एसीबी का हस्तक्षेप और सत्यापन प्रक्रिया

12 जून को पीड़ित ने एसीबी में शिकायत दी। एसीबी ने मामले की जांच के लिए टीम भेजी और 19 जून को पहली बार टीम ने थाने में जाकर शिकायत का सत्यापन किया। उस दिन सीआई महेश कुमार राज्यपाल के कार्यक्रम में ड्यूटी पर थे, इसलिए रीडर से बातचीत का सत्यापन करवाया गया।

ट्रैप की कोशिशें विफल

इसके बाद एसीबी की टीम ने कई बार प्रयास किया, लेकिन हर बार किसी न किसी कारणवश सीआई से मुलाकात नहीं हो सकी। 21 से 23 जून तक सीआई की छुट्टी के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। 24 जून को टीम फिर से थाने पहुंची, लेकिन सीआई महेश कुमार के साथ कुछ लोग थाने आए और थोड़ी देर में निकल गए, जिससे पीड़ित उनसे बात नहीं कर सका।

शक होने पर रीडर का फोन आना बंद

पीड़ित ने एसीबी को बताया कि अब रीडर अशोक कुमार का फोन नहीं आ रहा है, संभवतः उसे शक हो गया है। इसके बाद एसीबी ने इंतजार किया, लेकिन कोई कॉल नहीं आई। अंततः 19 सितंबर को एसीबी ने सीआई महेश कुमार और रीडर अशोक कुमार के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज कर लिया है।

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