



जयपुर में एक सरकारी अधिकारी को हनीट्रैप में फंसाकर 10 लाख रुपए की ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। ब्लैकमेलर ने पीड़ित अधिकारी को नौकरी से हटवाने और जेल भेजने की धमकी देकर लगातार मानसिक प्रताड़ना दी। परेशान होकर पीड़ित ने शिप्रापथ थाने में ब्लैकमेलर और उसके परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। इस मामले की जांच शिप्रापथ थाने के एसएचओ अमित कुमार कर रहे हैं।
मानसरोवर निवासी 56 वर्षीय सरकारी अधिकारी ने अपनी शिकायत में बताया कि 2007 में करौली में पोस्टिंग के दौरान एक पिता-बेटे का उनके ऑफिस में आना-जाना था। पीड़ित अधिकारी उस पिता की बेटी 2011 में ट्रांसफर होने के बाद उनसे संपर्क में रही और अक्सर अपने परिवार की खराब स्थिति का हवाला देकर उनसे 40-50 हजार रुपए की मदद लेती रही।
अगस्त 2019 में उसे लड़की ने अधिकारी को रुपए लौटाने के बहाने जगतपुरा स्थित किराए के मकान पर बुलाया। जब अधिकारी वहां पहुंचे, तो कुमारी ने अपने पिता, भाई, और पति के साथ मिलकर उन पर हमला किया और उन्हें धमकी दी। जान बचाने के लिए पीड़ित ने 1.62 लाख रुपए दे दिए।
जुलाई 2021 में आरोपियों ने फिर से संपर्क किया और लड़की के जरिए रेप केस दर्ज करवाने की धमकी दी। आरोपियों ने हनीट्रैप में फंसाकर नौकरी से हटवाने और जेल भेजने की धमकी देकर 10 लाख रुपए की डिमांड की। ब्लैकमेलिंग को कानूनी रूप देने के लिए 500 रुपए के स्टाम्प पर लिखित समझौता भी किया गया, जिसमें सहमति से संबंध होने की बात कही गई और भविष्य में कोई और रुपए न मांगने का वादा किया गया।
अगस्त 2024 में ब्लैकमेलर परिवार ने दोबारा पैसे की मांग शुरू कर दी और पीड़ित को मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया। आरोपियों ने धमकाने के लिए वॉट्सऐप पर सुसाइड नोट भी भेजा। लगातार धमकियों और टॉर्चर से परेशान होकर अधिकारी ने शिप्रापथ थाने में एफआईआर दर्ज करवाई।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी परिवार से पूछताछ की जा रही है। इस तरह के गंभीर आरोपों के कारण पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि ब्लैकमेलिंग से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सके।