



राज्य की प्रस्तावित नई खनिज नीति, 2024 के प्रारुप को खनिज संगठनों, स्टेक होल्डर्स व आमजनों की टिप्पणी व सुझाव के लिए विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। राज्य की प्रस्तावित खनिज नीति के संबंध में 22 सितंबर, 24 तक लिखित अथवा ई-मेल के माध्यम से [email protected] पर सुझाव दिए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री व खान मंत्री भजन लाल शर्मा ने विभागीय समीक्षा के दौरान वर्ष 2015 से खनन कानूनों में आमूल चूल बदलाव के कारण राज्य की खनिज नीति, 2015 के अधिकांश प्रावधानों की अप्रचलन में आने की स्थिति को देखते हुए प्रदेश में दीर्घकालीन विजन के साथ प्रदेश के खनन विकास के लिए नई खनिज नीति बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित की और इसी के आधार पर प्रदेश के परिवर्तित बजट में नई खनिज नीति, 2024 लाने की घोषणा की गई।
प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकांत ने बताया कि विकसित राजस्थान, 2047 के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित नई खनिज नीति, 2024 में प्रदेश में खनिज खोज कार्य में विश्वस्तरीय तकनीक के उपयोग के साथ तेजी लाने, खोज व खनन की आधुनिकतम तकनीक के उपयोग, पर्यावरण संरक्षण, खनिज संसाधनों का कुशल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन, प्रसंस्करण, औद्योगिक निवेश, प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार अवसरों में बढ़ोतरी, खनिज क्षेत्र में सतत व सस्टेनेबल विकास और राजस्व बढ़ोतरी आदि पर जोर दिया गया है।
निदेशक माइंस भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि प्रस्तावित खनिज नीति, 2024 का प्रारुप विभागीय वेबसाइट पर देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि माइनिंग क्षेत्र से जुड़े और आमजन 22 सितंबर तक अपने सुझाव दे सकते हैं।