



भरतपुर के गोपालगढ़ में सितंबर 2011 में हुए दंगा मामले में गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित अन्य आरोपियों की सशर्त अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए जिले की एडीजे कोर्ट-4 में अर्जी दायर की गई। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को 24 सितंबर तक जवाब देने के निर्देश दिए हैं। यह अर्जी सांवरमल चौधरी द्वारा दाखिल की गई है।
2013 में भजनलाल शर्मा, जाहिदा खान, जमशेद खान, प्रमोद शर्मा, जवाहर सिंह बेढम, केसरी सिंह, और गिरधारी तिवारी सहित अन्य आरोपियों को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतों और एक लाख के मुचलके पर सशर्त अग्रिम जमानत मिली थी। शर्तों में यह शामिल था कि आरोपी बिना कोर्ट की अनुमति के देश से बाहर नहीं जाएंगे, जांच में सहयोग करेंगे, और गवाहों को डराएंगे या धमकाएंगे नहीं।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री से मांगा स्पष्टीकरण
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से गोपालगढ़ दंगा मामले में जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने पर स्पष्टीकरण मांगा है। जूली ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने अदालत की अनुमति के बिना विदेश यात्रा कर जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है।
जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा अदालत की अनुमति के बिना की, जोकि जमानत की शर्तों के विपरीत है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मुख्यमंत्री स्वयं कानून का पालन नहीं करेंगे तो जनता में क्या संदेश जाएगा।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी, जहां कोर्ट सभी पक्षों का जवाब सुनेगी।