



राजस्थान विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग से जुड़े प्रोफेसर राजेश पूनिया जो गरुड़ पुराण पर गहन शोध करने वाले एकमात्र शोधकर्ता माने जाते हैं, ने आज अपने अनुसंधान और शिक्षण कार्यों के लिए सराहना प्राप्त की। प्रोफेसर पूनिया ने गरुड़ पुराण के गूढ़ रहस्यों पर शोध कर डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की, जिसे आमतौर पर हिंदू धर्म में लोग अपने घरों में रखने से परहेज करते हैं।
उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं को आम जनता तक पहुंचाने के लिए राजस्थान विश्वविद्यालय में महर्षि दयानंद सरस्वती वैदिक पीठ की स्थापना का बीड़ा उठाया है। इस पहल के लिए प्रोफेसर पुनिया ने व्यक्तिगत रूप से लाखों रुपये का सहयोग भी दिया है।
उन्होंने 'यूनिवर्सल वैदिक नॉलेज सिस्टम' विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें देशभर के संस्कृत और दर्शनशास्त्र के विद्वानों ने भाग लिया। उनके इस प्रयास से महर्षि दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं का प्रसार हो रहा है।
प्रोफेसर पूनिया ने आज सम्मानित होकर महर्षि दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं पर आधारित पुस्तकें भेंट कीं और कहा कि वे महर्षि की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समर्पित हैं।