



असम विधानसभा की महिला एवं बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने राजस्थान प्रवास के दौरान कुटीर, हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने लाख और गाय के गोबर से बने चूड़े पहनकर विशेष उत्साह व्यक्त किया। जयपुर के जिला उद्योग और वाणिज्य केंद्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में समिति ने विभिन्न उत्पादों जैसे हस्त चित्रकारी, अचार, पापड़, और जैविक वन औषधीय पार्क के औषधीय पादपों की जानकारी प्राप्त की। यह आयोजन पारंपरिक कला और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया।
राजस्थान सरकार के निमंत्रण पर असम विधानसभा की महिला एवं बाल कल्याण समिति की चेयरमैन और सदस्यों ने जयपुर के जिला उद्योग और वाणिज्य केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कुटीर उद्योग, आर्टिजन्स, और बुनकर सेवा केंद्र द्वारा निर्मित हस्तशिल्प उत्पादों का अवलोकन किया।
संयुक्त आयुक्त शिल्पी आर. पुरोहित ने जैविक वन औषधीय पार्क और विभिन्न स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए गए अनूठे उत्पादों जैसे लाख, गाय के गोबर के चूड़े, कठपुतली, अचार, और मिलेट्स खाद्य पदार्थों की जानकारी दी
इस अवसर पर जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, जयपुर के संयुक्त आयुक्त शिल्पी राज पुरोहित के साथ उपायुक्त सविता केजरीवाल, सहायक आयुक्त बी आर चौधरी और अधिकारी कविता घोसल्या ने भी हिस्सा लिया। हस्तशिल्पी ज्योति व्यास और सीईओ भीष्म लाइवलीहुड ट्रेनिंग काउंसिल की मौजूदगी में विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों का अवलोकन किया गया। हैनिमन चैरिटेबल मिशन सोसाइटी की सचिव मोनिका गुप्ता और अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के डॉ. अतुल गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया और आभार व्यक्त किया।