



जयपुर के जालसू तहसील के भीलपुरा सिरसली गांव में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम ने मंगलवार को मिठाई बनाने के एक कारखाने पर छापा मारा। यह कारखाना "विनायक मिल्क फूड प्रोडक्ट" के नाम से संचालित हो रहा था। छापेमारी के दौरान टीम को मिठाईयों (रसगुल्ले, राजभोग, केसर बाटी) से बदबू आ रही थी और पूरे कारखाने में गंदगी फैली हुई थी। इन हालातों को देखते हुए टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मिठाइयों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे और वहां तैयार लगभग 20 हजार किलोग्राम मिठाइयों के स्टॉक को सीज कर दिया, जो बाजार में बेचने के लिए पैक की जा रही थीं।
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अतिरिक्त आयुक्त पंकज ओझा ने बताया कि उन्हें इस कारखाने में अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके आधार पर यह छापा मारा गया। अब सैंपल की जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम जब शिकायत पर जालसू तहसील की मिठाई फैक्ट्री की जांच के लिए पहुंची, तो फैक्ट्री की हालत बेहद खराब पाई गई। पूरी फैक्ट्री में गंदी बदबू फैली हुई थी, और हर जगह कीड़े-मक्खियां नजर आ रही थीं। मिठाईयों में उपयोग होने वाली चासनी में मधुमक्खियां और मकोड़े गिरे हुए थे, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
केसर बाटी, रसगुल्ला और राजभोग जैसी मिठाईयों को जब टीम ने देखा और सूंघा, तो उनमें से हल्की बदबू आ रही थी, जो स्पष्ट रूप से संकेत देती है कि मिठाईयों की गुणवत्ता बेहद खराब थी। इसके बाद इन मिठाइयों के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिए गए। फैक्ट्री में तैयार 20 हजार किलोग्राम मिठाइयों का स्टॉक, जो बाजार में बेचने के लिए जा रहा था, उसे भी सीज कर दिया गया। इस तरह की अनियमितताएं गंभीर खाद्य सुरक्षा चिंताओं को जन्म देती हैं, और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त आयुक्त पंकज ओझा ने जानकारी दी कि जालसू तहसील में स्थित इस मिठाई फैक्ट्री से तैयार उत्पाद विभिन्न ब्रांड नामों के तहत बाजार में बेचे जा रहे थे। इनमें जैन स्पंजी केसर बाटी, सुदामा केसर बाटी, विनायक रसगुल्ला, प्लेन रसगुल्ला, बीकानेरी श्री राम रसगुल्ला, श्री राम ताजा रसगुल्ला, और विनायक राजभोग जैसे उत्पाद शामिल हैं। ये सभी नाम विभिन्न मिठाई ब्रांड्स के तहत बाजार में ग्राहकों तक पहुंचाए जा रहे थे। इन मिठाईयों की खराब स्थिति और स्वच्छता की कमी के चलते, विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 20 हजार किलोग्राम मिठाइयों का स्टॉक सीज कर दिया है, ताकि इन हानिकारक उत्पादों को बाजार में पहुंचने से रोका जा सके।