



रविवार शाम को हुई घनघोर बारिश ने शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। करीब पौन घंटे की तेज बारिश से सड़कों, नालों और चौराहों पर पानी जमा हो गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। फॉयसागर झील में पानी का बहाव जारी है और जलभराव के कारण जिले के कई इलाकों में गंभीर स्थिति बन गई है।
जिला कलक्टर लोकबंधु ने भारी बारिश और जलभराव से उत्पन्न हालात का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनके साथ नगर निगम आयुक्त देशल दान, अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त नित्या के, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार, अतिरिक्त जिला कलेक्टर गजेंद्र सिंह राठौड़ और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों की इस टीम ने शहर के जलभराव वाले इलाकों का दौरा किया और राहत कार्यों की समीक्षा की, साथ ही बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए रणनीति पर विचार-विमर्श किया। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना की मदद ली। सेना की टीम ने जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा कर रेस्क्यू ऑपरेशन की योजना बनाई। शाम तक 32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

शहर के प्रमुख इलाकों, जैसे सावित्री चौराहा, आनासागर-गौरव पथ, रोडवेज बस स्टैंड, शास्त्री नगर और अन्य स्थानों पर भारी जलभराव देखा गया। इस स्थिति को देखते हुए जिला कलक्टर ने जिले के सभी विद्यालयों में सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया है, हालांकि शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ को विद्यालय जाना होगा। साथ ही, बारिश के कारण कई क्षेत्रों में पानी का उफान बढ़ गया, जिससे सड़कों पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। तारागढ़ पहाड़ी क्षेत्र से भारी पानी का बहाव हुआ और शहर के कई हिस्सों में जलभराव के कारण तालाब जैसी स्थिति बन गई।
अजमेर जिले में भारी बारिश और बाढ़ की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए 9 सितम्बर को सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट लोकबंधु ने बताया कि मौसम विभाग और अन्य एजेंसियों द्वारा जिले में अत्यधिक बारिश और बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। इसी के मद्देनजर विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है।
हालांकि यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए लागू होगा। सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ को विद्यालय में उपस्थित रहकर कार्य करना होगा। यदि किसी विद्यालय के प्रधान द्वारा इन आदेशों की अवहेलना की जाती है और विद्यालय संचालित किया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ आपदा प्रबंधन नियम-2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी।