



जयपुर शहर के चारदीवारी क्षेत्र में बिजली के तार और केबल्स को भूमिगत करने का फैसला किया गया है, जिससे शहर की ऐतिहासिक और सौंदर्यपूर्ण विरासत को संरक्षित किया जा सके। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पर्यटन, नगरीय विकास (UDH), और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में चारदीवारी के बे-तरतीब यातायात को व्यवस्थित करने, बिजली लाइनों को भूमिगत करने, और शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने जल महल की पाल पर सौंदर्यीकरण कार्य, वाटर लेजर शो, और बोटिंग जैसी गतिविधियों की संभावनाओं की जांच के निर्देश दिए।
इसके साथ ही शहर के क्षतिग्रस्त लाइटों की मरम्मत, बाजारों में इल्युमिनेशन की सुचारू व्यवस्था, और डस्टबिन लगाने जैसे निर्देश भी दिए गए। शहर को पोस्टर और बैनरों से खराब करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी आदेश दिया गया। आमेर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने और पार्किंग समस्याओं का समाधान खोजने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के परकोटे क्षेत्र की विरासत और सौंदर्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने परकोटे के गुलाबी रंग की पहचान को संरक्षित रखने पर जोर देते हुए कहा कि शहर में जगह-जगह लटके हुए केबल और तारों से शहर की खूबसूरती प्रभावित हो रही है। इसके समाधान के लिए पूरे चारदीवारी क्षेत्र में बिजली के तारों को भूमिगत करने और एकीकृत भूमिगत लाइन विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि यह समस्या स्थायी रूप से हल हो सके।
उन्होंने राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट को एक विरासत संग्रहालय के रूप में विकसित करने की योजना पर चर्चा की, जहां कलाकार और शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन कर सकेंगे और अपने उत्पादों को बेच सकेंगे। उन्होंने जल महल की पाल पर सौंदर्यीकरण, मानसागर झील में वाटर लेजर शो और बोटिंग की संभावनाओं को भी तलाशने के आदेश दिए। आमेर क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए आमेर-मावठा पार्किंग समस्या का समाधान ढूंढ़ने पर भी जोर दिया गया।
इस बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास वैभव गालरिया, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक पवन कुमार उपाध्याय, शासन सचिव पर्यटन रवि जैन, जेडीसी आनंदी, जयपुर जिला कलेक्टर जीतेन्द्र कुमार सोनी, नगर निगम हेरिटेज के कमिश्नर अभिषेक सुराणा और, पुलिस अतिरिक्त उपायुक्त यातायात सागर, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन राकेश शर्मा, उपनिदेशक पर्यटन उपेन्द्र सिंह शेखावत मौजूद रहे।