



जयपुर मेट्रो-द्वितीय की एडीजे कोर्ट-एक ने पति हत्या के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें पत्नी मंजू ओझा और उसके प्रेमी बीरेष ओझा को उम्रकैद की सजा दी गई है।
अप्रैल 2021 में कालवाड़ पुलिस थाना इलाके में अवैध प्रेम संबंधों के कारण राकेश, जो मंजू का पति था, की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। कोर्ट के जज बीएल चंदेल ने इस मामले में कहा कि अपराध अवैध संबंधों के चलते किया गया था, और इस मामले में अभियुक्तों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती।
अपर लोक अभियोजक साजिया खान द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल 2021 को राकेश के भाई राजकुमार ने कालवाड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि राकेश अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ तीजा नगर में रहता था। 21 अप्रैल को राकेश के चचेरे भाई ने फोन कर राकेश की स्थिति के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद राकेश की लाश उसके घर में मिली और गले पर निशान थे। शुरुआत में पत्नी मंजू ने इसे आत्महत्या बताया, लेकिन पुलिस की जांच में अवैध संबंधों के चलते हत्या की सच्चाई सामने आई।
कोर्ट ने अभियुक्तों को हत्या के अपराध में दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 16 हजार रुपये के जुर्माने की सजा भी दी।