



3 सितंबर को जयपुर के बिड़ला सभागार में सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर के अभिनंदन समारोह का आयोजन हुआ, जो भाजपा नेताओं के बीच शक्ति प्रदर्शन और वर्चस्व की प्रतिस्पर्धा का मंच बन गया। इस समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे पार्टी के आंतरिक मतभेदों की झलक मिली।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने समारोह के दौरान अपने संबोधन में तीखे कटाक्ष किए। उन्होंने एक टिप्पणी में कहा, "क्या किसी को पीतल की लॉग मिल गई, वह तो सराफा बन जाता है," जो कि कई लोग भाजपा के नेता राजेंद्र राठौड़ पर निशाना मान रहे हैं। वसुंधरा राजे की यह टिप्पणी उनके और अन्य नेताओं के बीच चल रहे वर्चस्व की लड़ाई को उजागर करती है।
राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवारी ने भी समारोह में भाग लिया और वसुंधरा राजे के साथ अपने संबंधों की तुलना "आम रस" से की, जो कभी खट्टा तो कभी मीठा होता है, लेकिन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। उनकी यह टिप्पणी पार्टी के आंतरिक संबंधों और विवादों पर प्रकाश डालती है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में ओमप्रकाश माथुर की प्रशंसा की और उन्हें "राजस्थान की राजनीति का धरोहर" कहा। उन्होंने माथुर की राजनीति में सकारात्मक योगदान की सराहना की और किसी भी नेता पर कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की, जिससे उनकी तटस्थता स्पष्ट होती है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी ओम प्रकाश माथुर को अपने क्षेत्र मारवाड़ नेता को देश का नेता बताया और कहा कि भाजपा में उनकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति में मैंनेबहुत कुछओमप्रकाश भाई साहब सही सीखा हैऔर आगे भी उन्हीं के अनुरूप राजस्थान की राजनीति में भाजपा को आगे बढ़ने का काम करूंगा।
समारोह भाजपा के नेताओं के बीच शक्ति प्रदर्शन और आंतरिक खींचतान का मंच बन गया, जिसमें हर नेता ने अपने वर्चस्व को साबित करने का प्रयास किया।