



जयपुर में 14 अगस्त बुधवार को हुई भारी बारिश ने तो जैसे जयपुर शहर की तथाकथित व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी ।
आरटीसी के पूर्व अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने बताया कि अशोक मार्ग स्थित ऑफिस से अपने घर, जोकि एक किलोमीटर के करीब है; जाने में मुझे दो घंटे का समय लगा है। पाँच बत्ती, एम.आई. रोड की तरफ चारों ओर भयानक ट्रैफिक जाम की स्थिति और उस पर किसी पुलिस वाले का वहाँ नहीं होना बड़े बैचेन करने वाले हालात थे।
उन्होंने कहा कि मैंने खुद जाकर आसपास के चौराहों पर देखा, कोई पुलिस, ट्रैफिक पुलिस कर्मी वहाँ नहीं था। कार/फोर व्हीलर्स की तो बात छोड़िए, बाइक वाले भी ठीक से नहीं निकल पा रहे थे। इस जाम में बच्चे, वृद्ध, बीमार…सभी तरह के लोग थे। कई लोग परेशानी में थे, भूख-प्यास-बीमारी से व्याकुल, मगर अफ़सोस कि बारिश थमने पर 8 बजे के बाद भी कोई मदद करने वाला वहाँ नहीं था।
आरटीसी के पूर्व अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने कहा कि जाम में फँसे लोगों ने खुद ही अपने से ट्रैफिक क्लीयर करवाया। जिम्मेदार नागरिकों ने मोर्चा संभाला और गाड़ियों को मैनेज कर लोगों को राहत दी। जयपुर कमिश्नरेट के पास, जहां गवर्नमेंट प्रेस है, उस चौराहे पर यह स्थिति रही तो पूरे जयपुर में क्या हालात रहे होंगे? मुझे सोचकर भी आश्चर्य हो रहा है।