



रविवार को राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ। जयपुर, अलवर, करौली, सवाई माधोपुर, और दौसा में रुक-रुक कर देर रात तक बरसात होती रही, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। इस प्राकृतिक आपदा में डूबने और मकान गिरने से 19 लोगों की जान चली गई।
भरतपुर में 7, झुंझुनूं में 3, करौली में 3, जयपुर में 4, जोधपुर में 1, और बांसवाड़ा में 1 व्यक्ति की मौत हो गई है। जयपुर के कानोता बांध में 5 युवक डूब गए, जिनमें से 4 के शव निकाल लिए गए हैं, जबकि एक युवक की तलाश अभी भी जारी है।
भारी बारिश के चलते जयपुर, करौली, भरतपुर, दौसा और सवाई माधोपुर में सोमवार, 12 अगस्त को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन द्वारा लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और खराब मौसम के कारण बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है।
भरतपुर की बाणगंगा नदी में स्नान करते समय सात युवकों की डूबने से मौत हो गई। एसडीआरएफ की टीम ने उनके शवों को बरामद कर लिया है। ये सभी युवक 18 से 22 वर्ष की उम्र के थे और भरतपुर जिले के श्रीनगर गांव के निवासी थे। एसडीआरएफ की टीम ने नदी में गोता लगाकर और विशेष तकनीकों का उपयोग करके शवों को खोजा और प्रशासन को सौंप दिया।
करौली में भी भारी बारिश के कारण एक मकान ढह गया, जिसमें पिता-पुत्र की मौत हो गई और परिवार के तीन अन्य सदस्य मलबे में फंस गए। करौली जिले में, जलमग्न कॉलोनियों में फंसे 19 नागरिकों को भी एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
जयपुर के परकोटा क्षेत्र में भी बारिश के कारण सीवरेज का पानी घरों में घुस गया, जिससे लोगों को अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ी। इस बीच, महेश नगर के गणेश मार्ग पर सड़क धंसने से यातायात बाधित हो गया है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने जयपुर, करौली, भरतपुर, दौसा, और सवाई माधोपुर जिलों में सोमवार, 12 अगस्त को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।