



जयपुर के जवाहर सर्किल के निकट प्रेम निकेतन आश्रम में "पिक ए बुक" जयपुर चैप्टर द्वारा स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन पुष्पेंद्र उपाध्याय द्वारा किया गया, जिसमें जन गण मन के गायन से शुरुआत हुई और इसके बाद यशस्वी शर्मा और मंजू शर्मा ने स्वतंत्रता संग्राम पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कर्नल देव आनंद को स्मृति चिन्ह के रूप में एक पुस्तक भेंट की गई।
अपने उद्बोधन में कर्नल देव आनंद ने 2000 वर्षों के इतिहास से लेकर मौजूदा बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों तक के घटनाक्रम पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विभाजन ने भारत को कमजोर किया और कैसे मूल निवासियों, विशेषकर हिंदुओं, पर अत्याचार हुए। कर्नल देव आनंद ने 14 अगस्त 1947 के विभाजन की विभीषिका को याद करते हुए कहा कि इस विभाजन के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए, हत्याएं हुईं, और महिलाओं की अस्मिता से खिलवाड़ हुआ।
कर्नल देव आनंद ने बल दिया कि अब समय आ गया है कि विभाजन की परिस्थितियों पर गहन चर्चा होनी चाहिए और इसके दोषियों को सामने लाकर ऐसी स्थितियों की पुनरावृत्ति को रोका जाना चाहिए। उन्होंने धारा 370 और 35ए के निरस्त होने का उल्लेख करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया, जिससे पूर्वी पाकिस्तान से आए नागरिकों को उनके अधिकार मिले।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कर्नल देव आनंद के विचारों का समर्थन किया और भारत माता की जय के उद्घोष से राष्ट्रप्रेम का माहौल बना रहा। इस मौके पर कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें शर्मा मंजू शर्मा, आदित्यनाथ शर्मा, संजीव गुर्जर, अंशु हर्ष, प्रेम शांति आश्रम के रीजनल डायरेक्टर शेखर गर्ग, श्रीमती मीना गर्ग भी शामिल थे