



राजकीय महाविद्यालय टोंक में पिछले कई सालों सेकाॅलेज खेल मैदान में अतिक्रमण करके अवैध रूप से संचालित क्रिकेट प्रशिक्षण को हटाने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अभाविप का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। इतना ही नही अभाविप कार्यकर्ता रात को भी धरना स्थल पर डटे रहे।
अभाविप टोंक के जिला संयोजक अजय डोई ने कहा कि राज्य सरकार एवं कॉलेज प्रशासन उनकी सभी पांच सूत्री मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक अनिश्चितकाल धरना जारी रहेगा। छात्र संघ अध्यक्ष दिनेश देवेंदा ने कहा बताया कि राजकीय महाविद्यालय टोंक जिले का सबसे बडा एवं पुराना महाविद्यालय हैं। महाविद्यालय में कई समस्याएं व्याप्त है जिनके कारण महाविद्यालय का नामांकन कम होता जा रहा है, जिनके समाधान के लिए विद्यार्थी परिषद पिछले पांच वर्षों से समय-समय पर ज्ञापन एवं धरना-प्रदर्शन के माध्यम से हल कराए जाने की कोशिश में लगी है।
छात्र संघ अध्यक्ष का कहना है कि महाविद्यालय के खेल मैदान सआदत पवेलियन से अतिक्रमण हटवाना, खेल मैदान की चार दीवारी कराने, महाविद्यालय में रविंद्र उद्यान का सौंदर्यकरण किए जाने, महाविद्यालय में रिक्त पदों के व्याख्याता, शारीरिक शिक्षक, लाइब्रेरियन, एलडीसी, यूडीसी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी खाली पदों में नियुक्ति की जाए प्रमुख मांगे है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय भवन, कैंटीन भवन, पुस्तकालय भवन जर्जर अवस्था में है, इन सभी भवनों को पूरी तरह से ध्वस्त करके पुनर्निर्माण कराया जाएं एवं एनसीसी के विद्यार्थियों के लिए फायरिंग रेंज की व्यवस्था की हो । अभाविप के जिला संयोजक अजय डोई ने संकल्प लिया है कि पांच सूत्री मांग प़त्र स्वीकार नही किया जाता उस समय तक पैरों में चप्पल नहीं पहनूंगा।
राजकीय महाविद्यालय टोंक के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष धारा सिंह फागणा शुक्रवार को ध्रना स्थल पहुंचे जिन्होंने अभाविप धरने को अपना समर्थन देते हुए राज्य की भाजपा शासित सरकार तथा कॉलेज प्रशासन से अभाविप की मांगों को पूरा किया जाना जाएं। अभाविप के धरने में शुक्रवार को जिला संगठन मंत्री मोनू स्वामी, ओमप्रकाश सैनी, विशाल मेहरा, अमन सैनी, किरण शर्मा, राजेंद्र खारवाल, करण गौड़, आर्यन लखेरा आर्यन, भागीरथ सैनी, अजय सैनी सांखला, मेषराम गुर्जर, यशपाल गुर्जर, दुर्गा महावर, मनीषा सैनी, कृष्णा बैरवा, दीपशिखा सोनी, अंजलि महावर आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।