



कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने गुरुवार को मालपुरा क्षेत्र का दौरा किया, खरीफ फसलो की स्थिति का जायजा लिया एवं कृषि पर्यवेक्षको को फसलों में लगने वाले कीट व्याधि पर सतत निगरानी रख विभागीय सिफारिश के अनुसार किसानो को सलाह देने के निर्देश दिये।
कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने बताया कि संयुक्त निदेशक वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने खरीफ फसले मूंग, उड़द, बाजरा, ज्वार इत्यादि फसलो का निरीक्षण किया जिसमें मूंग की फसल में आशिंक फली छेदक लट का प्रकोप दिखाई दिया जिसके लिए मोनोक्रोटोफॉस 36 डबल्यू एस सी या क्यूनॉलफॉस 25 ई सी एक लीटर, प्रति हैक्टर की दर से छिडकाव करे अथवा क्यूनॉलफॉस 1.5 प्रतिशत चूर्ण 20 से 25 किलो प्रति हैक्टर की दर से भुरकाव कर सकते है, यदि आवश्यकता हो तो 15- 15 दिन के अन्तराल पर छिड़काव या भुरकाव को दोहरावे।
संयुक्त निदेशक सोलंकी ने किसान सेवा केन्द्रो का निरीक्षण किया एवं कृषि पर्यवेक्षको को प्रत्येक गुरुवार को किसान सेवा केन्द्र का संचालन प्रातः साढ़े नौ बजे से सायं 6 बजे तक करने के निर्देश दिये। कृषि पर्यवेक्षक अपने स्तर पर कृषि के अनुदान की पत्रावली लम्बित नही रखे एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानो को देने के निर्देश दिये।
संयुक्त निदेशक ने चांदसेन में कृषि विभाग द्वारा अनुदानित ढैंचा फसल का निरीक्षण किया एवं ढैचा फसल की उन्नत तकनीक की जानकारी दी।
संयुक्त निदेशक ने कृषि विभाग द्वारा लगाये जा रहे पौधो का निरीक्षण एवं इनकी सुरक्षा करने के निर्देश दिये।
संयुक्त निदेशक के साथ सर्वे टीम ने लावा, धोली, डिग्गी,चौसला, चैनपुरा, चांवण्डिया, चांदसेन,इत्यादि गांवो का दौरा कर फसल स्थिति का किया। सर्वे टीम में उपनिदेशक पौध व्याधि, डा. सूरज मल जाट, सहायक निदेशक महेश कुमार कुमावत, कृषि अधिकारी के एम गुर्जर, सहायक कृषि अधिकारी लल्लू प्रसाद यादव, कृषि पर्यवेक्षक हरि सिंह राजावत, मदन सिंह इत्यादि मौजूद थे।