



ईसरदा बांध परियोजना डूब क्षेत्र में आने वाले बनेठा, कीरों की झौपडिया,करिरीया, चौकड़ी, सोलपुर रायपुर, ईसरदा सहित अन्य गांवों के विस्थापितों को आवासीय भूखंड आवंटित करने के लिए बुधवार को ईसरदा बांध परियोजना के बनेठा स्थित कार्यालय में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के समक्ष लॉटरी से भूखंड आवंटित किए गए। इस दौरान 256 विस्थापितों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं जबकि 23 विस्थापितों द्वारा प्रथम च्वाइस में लॉटरी नहीं निकलने से उनके आवासीय भूखंड अब द्वितीय चरण की लॉटरी में द्वितीय चॉइस देने पर आवंटित किए जाएंगे।
लॉटरी निकालने के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर पुनर्वास एवं विस्थापन बीसलपुर परियोजना हरिताभ आदित्य, एक्सईएन मानसिंह मीणा, सहायक अभियंता शंकर लाल रोज, सहायक अभियंता प्यारेलाल मीणा, तहसीलदार उनियारा कैलाश चंद मीणा, तहसीलदार टोंक रामधन गुर्जर, तहसीलदार चौथ का बरवाड़ा सवाई माधोपुर नीरज सिंहसिनवाल, बनेठा सरपंच गोप्या देवी मीना सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पटवारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे। गौरतलब है कि ईसरदा बांध परियोजना द्वारा ईसरदा डेम डूब क्षेत्र में आने वाले विस्थापितों से उनके सहमति के अनुसार पुनर्वास हेतु बसाई गई चार कॉलोनी में से स्वयं की इच्छा के अनुरूप आवेदन आमंत्रित किए गए थे कि वह किस कॉलोनी में अपना भूखंड आवंटित करवाना चाहता है उसी के आधार पर बुधवार को विस्थापितों को बनेठा में 89, ईसरदा में 5, शिवाड़ में 105 एवं मोहम्मद नगर टोंक में 57 विस्थापितों को लॉटरी से आवासीय भूखंड आवंटन किए गए।
विस्थापितों को भूखंड आवंटित करने के बाद अब प्रशासन द्वारा उक्त पुनर्वास कालोनियों में छाया, पानी, बिजली, चिकित्सा, शिक्षा, आंगनबाड़ी, सड़क सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेगी। विस्थापितों के लिए सबसे अधिक जमीन बनेठा के समीप सुरेली मार्ग पर आरक्षित की गई है। डूब क्षेत्र के जिन विस्थापितो ने 2017-18 में भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया मुआवजा लेने के साथ पूरी कर ली थी उन्हें प्रथम चरण में भूखंड आवंटित किए गए हैं। प्रथम चॉइस में लॉटरी से भूखंड शिवाड़ में फुल हो जाने पर अब द्वितीय चॉइस के अनुसार 23 विस्थापितों को उनकी सहमति से द्वितीय चरण की लॉटरी में शामिल करते हुए उनको आवासीय भूखंड उपलब्ध करवाए जाएंगे।
लोगों ने अधिकारियों को बताई अपनी पीड़ा
विस्थापितों द्वारा इस दौरान ईसरदा बांध परियोजना के अधिकारियों को उनकी पीड़ा ज्ञापन देकर बताई गई तथा सर्वे में कई लोगों के नाम छूट जाने से वंचित रहे लोगों को दोबारा से सर्वे करवा कर आवासीय भूखंड आवंटित कराने की मांग की गई। इस दौरान कई ग्रामीणों द्वारा ईसरदा बांध परियोजना के अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराने पर अधिकारियो ने शीघ्र उनका समाधान करवाने का आश्वासन दिया गया।