Saturday, 29 August 2026

केंद्र सरकार ने गुर्जर समाज से की वादाखिलाफी : धर्मेंद्र राठौड़


केंद्र सरकार ने गुर्जर समाज से की वादाखिलाफी : धर्मेंद्र राठौड़

आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष  धर्मेंद्र राठौड़ ने गुर्जर समाज की प्रमुख मांग एमबीसी आरक्षण विधेयक को संविधान की नौवीं सूची में शामिल करने का मुद्दा उठाया है। 

उन्होंने भाजपा के खिलाफ आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने गुर्जर समाज से वादाखिलाफी कर चुनावी फायदे उठाए, लेकिनगुर्जर समाज की मांग को अब तक लटकाए रखा है, जो गुर्जर समाज के साथ छलावा है। पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने प्रेस के लिए जारी बयान में कहा कि गुर्जर समाज ने वर्षों के संघर्ष और 73 भाइयों के बलिदान के बाद एमबीसी आरक्षण का अधिकार प्राप्त किया था।

लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने वर्षों से एमबीसी विधेयक को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया और इसे लटकाए रखा, जिसके कारण आज इस पर सुप्रीम कोर्ट में तलवार लटक गई है। पिछले 10 साल से भाजपा नेता एसबीसी व एमबीसी आरक्षण विधेयक को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करवाने का वायदे कर लोकसभा चुनाव 2014, 2019, 2024 में वोट मांगते आ रहे हैं, पर अभी तक एमबीसी आरक्षण विधेयक संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं करा पाए हैं।

केंद्र की भाजपा सरकार से गुर्जर समाज लगातार इस मांग को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग करता आ रहा है, लेकिन दुर्भाग्य है कि गुर्जर समाज के युवाओं की बड़ी शहादतऔर देश के बड़े आंदोलनकारी कौम को भाजपा सरकार ने वोट बैंक समझा।

उल्लेखनीय है कि 22 फरवरी 2019 को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान विधानसभा से एमबीसी आरक्षण विधेयक पारित करा कर एवं संकल्प पत्र

केंद्र सरकार को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए भेजा था।

Previous
Next

Related Posts