



सरकारी एवं प्राईवेट सोनोग्राफी सेन्टर पर अब गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी जांच मुफ्त की जाएगी। आर्थिक तंगी के अभाव में सोनोग्राफी नहीं करवाने वाले गर्भवती महिलाओं को इससे राहत मिलेगी।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की पीएचसी व अन्य चिकित्सा संस्थान में सोनोग्राफी की सुविधा नहीं होने पर उन्हें निजी सेन्टर पर निःशुल्क जांच की सुविधा मिल पाएगी। राज्य सरकार की ओर से "मां' वाउचर योजना के तहत अजमेर जिले में इस योजना को लागू किया जाएगा। सरकारी चिकित्सा संस्थानों में सोनोग्राफी सेन्टर पर पहले से ही गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी मुफ्त में हो रही थी, लेकिन अब निजी अस्पताल के सोनोग्राफी सेन्टर में भी गर्भवती महिला की सोनोग्राफी निःशुल्क की जाएगी।
राज्य सरकार की ओर से निजी सोनोग्राफी सेन्टर को प्रति सोनोग्राफी 450 रुपए ऑनलाइन संबंधित सेन्टर के खाते में जमा करवाए जाएंगे। इससे किसी भी गर्भवती महिला पर आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। मातृत्व की सुरक्षा के लिहाज से यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अजमेर के तत्वावधान मे निजी पंजीकृत सोनोग्राफी केन्द्रों के संचालकों का गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994 का प्रशिक्षण एवं कार्यशाला राजीव गांधी सभागार भवन में मंगलवार को आयोजित की गई। जिसमें चिकित्सा विभाग के जिला नोडल अधिकारी सहित प्राइवेट सोनोग्राफी केन्द्रो के संचालको ने भाग लिया।
सीएमएचओ डॉ. ज्योत्सना रंगा ने सभी निजी सोनोग्राफी सेन्टर संचालकों व प्रतिनिधियों से गर्भवती महिलाओं की जांच निःशुल्क करने का आग्रह किया। और उनसे सहमति ली गई।
सीएमएचओं डॉ. ज्योत्सना रंगा ने पत्रकारों से बातचीत में भी राज्य सरकार की बजट घोषणा की पालना को लेकर भी जानकारी दी। इसके तहत पीसीटीएस - आईडी जनरेट होगी, संबंधित महिला के मोबाइल पर मैसेज आएगा। क्यूआर कोड को मशीन पर स्कैन किया जाएगा। सोनोलॉजिस्ट रिपोर्ट एवं फिल्म को अपलोड करेगा। पीसीटीएस, इम्पेक्ट ओजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रक्रिया पूरी होगी। संबंधित चिकित्सक वेरीफिकेशन करेगा, इसके बाद संबंधित सेन्टर को सोनोग्राफी का भुगतान करेगा।
अजमेर जिले में औसतन करीब 39 हजार गर्भवती महिलाएं है। इनकी सोनोग्राफी जांच का लक्ष्य है।