



टोंक भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह मेहता ने केन्द्रीय बजट को गांव, गरीब, किसान, महिला, नौजवान सहित सभी तबकों के समग्र विकास का संकल्प,विकसित भारत एवं आत्मनिर्भर बनने का रोड मैप बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है। जिन्होंने देशवासियों की आशाओं, आकांक्षाओं और अमृतकाल के सभी संकल्पों का बजट में समावेश किया है।उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए प्रत्यक्ष कर प्रणाली के संबंध में नए प्रावधानों की घोषणा स्वागत योग्य है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा एवं जिला पूर्व प्रवक्ता जर्रार खान ने इस बजट को सरकार बचाओं बजट बताते हुए कहा कि किसान की आय दुगुना नही नही की गई इतना ही नही कर्मचारी को कुछ नही मिला , नौजवान अग्निवीर योजना में फंसा रहेगा, महिलाओं को मंहगाई की मार झेलनी पडेगी।देश के हर वर्ग को निराश करने वाला बजट लेकर आई है मोदी सरकार यह बजट निराशा का बजट है।
इनरव्हील क्लब न्यू जैन की अध्यक्ष डॉ. अर्चना ने केंद्रीय बजट को महिलाओं के लिए हितकारी बताते हुए वित् मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार प्रकट किया है।डॉ .अर्चना ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए तीन लाख करोड़ रूपये की जो योजनाएं घोषित की है, उस धन का सिस्टम में प्रवाह देश की बाजार अर्थ-व्यवस्था को मजबूती देगा।डॉ. अर्चना ने कहा सरकार ने चार वर्ष तक ईपीएफओ कॉन्स्टिट्यूशन संबंधी जो घोषणा की है, उससे तीस लाख से अधिक युवाओं को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय आयकर अधिनियम की समीक्षा की बात महत्वपूर्ण है, इसमें बड़े पैमाने पर संशोधन की जरूरत है।
वैश्य महासम्मेलन राजस्थान के प्रदेश मंत्री अशोक कुमार गांधी ने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2024-25 का बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट आयकरदाता, पेंशनर्स को नया स्लेबबढ़ाना एवं करो में राहत, युवाओं को इन्र्टशिप योजनाऐं बाबत नौकरियों को प्रोत्साहन देना, आयकरदाता पर क्रिमनल केस नहीं चलाना, दवाओं पर कस्टम ड्यूटी कम करना, यह बजट महिला, युवा, किसान, गांव एवं गरीब का रहा है एवं यह बजट उद्योग, कृषि, चिकित्सा, टुयूरिज्म पर समग्र ध्यान दिया है।
किसान महापंचायत के प्रदेश मंत्री रतन खोखर ने केंद्र सरकार के बजट को पूंजीपति व उद्योगपतियों का बजट बताते हुए कहा है कि बजट में किसानों की तरफ अनदेखी की है,वक्त बदला है लेकिन किसानों के हालात नहीं बदले। देश के किसान पिछले कई महीनो से केंद्र सरकार के बजट से आस लगाए थे कि देश के प्रधानमंत्री बजट में किसानों को बड़ी सौगात देंगे लेकिन बजट में किसानों को ऊंट के मुंह में जीरा के समान मिला।उन्होंने कहा कि बजट में, न तो एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून नजर आया, न ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट का जिक्र हुआ, न किसान की आमदनी दुगनी करने की बात कही गई। खोखर ने कहा कि देश का किसान मोदीजी को अपना सबसे कीमती वोट व समर्थन देकर तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का मौका दिया लेकिन मोदीजी किसानों की अनदेखी की। बजट में किसान को कर्ज से मुक्त करने की बात कही, न कहीं किसान को सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था को बजट में प्राथमिकता दी।
अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसियेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं टोंक चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष राजीव सिंघल ने केंद्रीय बजट को सभी क्षेत्रों को कवर करने वाला कामयाब बजट बताया है। सिंघल के अनुसार अनुसार बजट को किसानों, युवाओं, गरीबों एवं महिलाओं को केंद्रित रख बनाने की जो कोशिश की गई है, उसके लिए केंद्र सरकार साधुवाद की पात्र है। उन्होंने एग्रीकल्चर रिसर्च में ट्रांसफार्मिंग, नेशनल को-ऑपरेटिव पॉलिसी, आत्मनिर्भरता, फल-सब्जी उत्पादन व सप्लाई चैन, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना एवं डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्क्चर योजना लागू करना एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। राजीव सिंघल ने कहा कि उत्पादन एवं सेवा क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएं की गई हैं, जिनमें एमएसएमई क्षेत्र के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम, एमएसएमई क्रेडिट के लिए न्यू एसेसमेंट मोड, मुद्रा लोन का आकार बढ़ाकर बीस लाख रूपये करना, स्ट्रेस पीरियड के दौरान एमएसएमई को क्रेडिट सपोर्ट, नेशनल इंडस्ट्यिल कॉरीडोर डवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बारह इंडस्ट्यिल पार्क वीजीएफ सपोर्ट के जरिये इंडस्ट्यिल वर्कर्स के लिए पीपीपी मोड पर रेंटल हाउसिंग व डोरमेट्री विकसित करनाए मिनरल्स की रिसाईकिलिंगए घरेलू उत्पादन बढ़ाने एवं विदेशी अधिग्रहण संबंधी प्रस्ताव ऐसे हैं, जो देश की औद्योगिक अर्थ-व्यवस्था को बड़ा विस्तार दे सकते हैं। आरतिया के चेयरमैन कमल कंदोई एवं कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम बियाणी ने एंप्लायमेंट एवं स्किलिंग के लिए तीन योजनाएं जारी करना एक लाभकारी पहल बताया है और कहा है कि इससे नियोजक एवं युवाओं दोनों के लिए सहूलियत है। आज देश की टे्ड एंड इंडस्ट्री को बेहतर स्किल धारक अच्छी प्रोडक्टिविटी देने वाले युवाओं की जरूरत हैए उस क्रम में सरकार ने उत्पादन क्षेत्र में जॉब क्रियेशन तथा स्किलिंग प्रोग्राम के जरिये जो घोषणाएं बजट में की हैए उनके अच्छे परिणाम सामने आयेंगे।