



वसुंधरा सरकार के समय में एकल पट्टा प्रकरण को लेकर आरोपी रहे स्वायत शासन विभाग के पूर्व प्रमुख शासन सचिव जीएस संधू ने भजनलाल सरकार की जांच कमेटी को रद्द करने की मांग की है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष याचिका में कहा है कि मामले में राज्य सरकार अपना जवाब दे चुकी है, उसमें उन पर कोई भी अपराध बनना नहीं पाया है। मामले में पहले भी एफआर लग चुकी है। राजस्थान हाईकोर्ट से भी अभियोजन पक्ष भी मामला वापस ले चुका है। ऐसे में इस स्तर पर राज्य सरकार की ओर से मामले के आरोपों की जांच के लिए कमेटी का गठन नहीं किया जा सकता है।
भजनलाल सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस आरएस राठौड़ की अध्यक्षता में 28 जून को कमेटी गठित की थी। इस कमेटी में गृह विभाग के एसीएस और यूडीएच विभाग के प्रमुख सचिव को भी शामिल किया गया था। स्वायत शासन विभाग के पूर्व प्रमुख शासन सचिव संधू ने सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग चल रही एसएलपी (स्पेशल लीव पिटीशन) में प्रार्थना पत्र दायर करके कमेटी को रद्द करने की मांग की है। इस जांच के दायरे में तत्कालीन स्वायत शासन मंत्री शांति धारीवाल भी हैं।