



पुष्कर सरोवर में दम तोड़ती मछलिया की समस्या का समाधान करने और सरोवर की पवित्रता बनाए रखने के लिए पूर्व आरटीडीसी चैयरमैन रहे धमैन्द्र राठौड ने जिला कलेक्टर डॉ भारती दीक्षित को पत्र लिखकर पुष्कर सरोवर में मर रही मछलियों के कारण श्रद्धालुओं को जल्द निजात दिलवाने के कहा है।
राठौड ने अपने पत्र में लिखा है कि पिछले कई दिनों से जगत पिता ब्रह्मा जी के पवित्र पुष्कर सरोवर में मछलिया दम तोड़ रही है, जिससे सरोवर में बदबू का आलम बना हुआ है और लाखो श्रद्धालुओं की आस्था पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। सावन का महीना भी शुरू हो चुका है।
इसलिए पुष्कर सरोवर का जल लेने के कावड़िए भी पहुंचना शुरू हो गए है। ऐसे में श्रद्धालुओं की आस्था पर किसी भी प्रकार से कोई आघात नहीं लगे। इसके लिए उपयुक्त प्रबंधन के कदम उठाए जाने की विशेष जरूरत है। इस संदर्भ में मैने पुष्कर एसडीएम जी से बातचीत कर उनसे पुष्कर सरोवर में दम तोड़ रही मछलियों की समस्या का तुरंत समाधान कर उचित प्रबंधन के कदम उठाने का भी अनुरोध किया है। राठौड ने बताया कि एसडीएम ने मुझे बताया कि सरोवर के पानी में ऑक्सीजन की कमी होने से मछलियां मर रही है, मछलियों को मरने से रोकने के लिए उपयुक्त कार्य किए जा रहे है।
आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि अशोक गहलोत की सरकार थी, तब हमारी सरकार ने पुष्कर सरोवर की 52 घाटों के जीर्णोद्धार के लिए करोड़ो रुपए की लागत से विकास के कार्य शुरू किए थे, लेकिन अब वर्तमान भाजपा सरकार में पुष्कर सरोवर उपेक्षित नजर आ रहा है।
राठौड ने राज्य के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत सहित सभी जन प्रतिनिधि से भी आग्रह है कि पुष्कर सरोवर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था के लिए बेहतर कदम उठाए।