Saturday, 29 August 2026

मुख्यमंत्री शर्मा ने 20 सरपंचों को राज्य स्तर पर किया सम्मानित,कहा सरपंच शासन की सबसे छोटी इकाई, पर विकास के लिए है महत्वपूर्ण


मुख्यमंत्री शर्मा ने 20 सरपंचों को राज्य स्तर पर किया सम्मानित,कहा सरपंच शासन की सबसे छोटी इकाई, पर विकास के लिए है महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरपंच शासन की सबसे छोटी किंतु सबसे महत्वपूर्ण इकाई होता है। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सरपंच ही धरातल पर उतारता हैं। सरपंच पूरे गांव का प्रतिनिधि होता है इसलिए उसे भेदभाव किए बिना दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ गांव के विकास के लिए कार्य कराने चाहिए।

मुख्यमंत्री शर्मा शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में सरपंच राज्य स्तरीय सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने गांवों के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले 20 सरपंचों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सरपंचों को अपनी ग्राम पंचायतों के आय के स्रोत बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए जिससे वे केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली निधि के अलावा अपने स्तर पर भी विकास कार्य करवा सकें। गांवों में पानी, सड़क, बिजली, चिकित्सा, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो गांवों से पलायन को रोका जा सकता है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान में पंचायतीराज का ढांचा बहुत विस्तृत और सुदृढ़ है। राज्य में 11 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के विकास को गति दी जा रही है। हमारी सरकार पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने तथा गांवों के सर्वांगीण विकास पर पूरा जोर दे रही है। 

‘‘सरपंच के रूप में मैंने भी देखा विकास का सपना’’

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि एक सरपंच के रूप में मैनें भी गांव के विकास का सपना देखा है और गांव से मेरा जुड़ाव आज भी कम नहीं हुआ है। लोगों की आशाओं को पूरा करने और सकारात्मक बदलाव की हिम्मत जुटाने की चुनौतियों को मैंने करीब से देखा है। उन्होंने सरपंचों से आह्वान किया कि बिना किसी दबाव में आए पूर्ण निष्ठा से अपनी ग्राम पंचायत के विकास के लिए जुटे रहें।

प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ से स्थानीय उत्पादों को दिया बढ़ावा

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि देश की आजादी के बाद बनी सरकारों ने केवल बड़े उद्योगों को बढ़ावा दिया जिससे गांव में चलने वाले लघु और कुटीर उद्योग कमजोर हुए। लेकिन वर्ष 2014 के बाद यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का नारा देते हुए स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और संरक्षण दिया। जिससे लघु एवं कुटीर उद्योग मजबूत हुए तथा छोटे-छोटे उद्यमियों को संबल मिला।  

कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पत्रकारों सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। 

Previous
Next

Related Posts