



यूएसए की महिला को नकली ज्वेलरी देकर 6 करोड़ की ठगी करने के मामले में फरार चल रहे पिता-पुत्र और बहु की संपत्ति को कुर्क करने के लिए पुलिस ने कोर्ट से वारंट जारी करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। साथ ही संपत्ति की सूची भी तैयार करवाई जा रही है। इसके अलावा पुलिस की कुछ स्पेशल टीमें फरार चल रहे ज्वेलर को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
जांच अधिकारी एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि इस संबंध में पीड़िता यूएसए की महिला चेरिस नौरते ने 18 मई को माणक चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि ज्वेलर सिविल लाइंस निवासी गौरव सोनी और पिता राजेन्द्र ने नकली ज्वेलरी देकर 6 करोड़ रुपए की ठगी कर ली।
पुलिस ने ज्वेलरी का फर्जी गुणवत्ता सर्टिफिकेट देने वाले नंदकिशोर वाल्मिकी को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि गौरव ने ठगी के पैसों से सी-स्कीम में अपनी पत्नी के नाम से 3 करोड़ रुपए कीमत का फ्लैट खरीद लिया। ऐसे में पुलिस ने गौरव की पत्नी को भी आरोपी माना हैं तब से तीनों फरार चल रहे है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी करवा रखे है।
ठगी की शिकार चेरिश ने बताया कि वह जयपुर से ज्वेलरी खरीदकर यूएस में बेचने का कारोबार करती है। वर्ष 2022 में उसकी मुलाकात आरोपी गौरव सोनी से हुई। उसका माणक चौक इलाके में ज्वेलरी शोरूम है दो साल में चेरिस ने गौरव सोनी से करीब 6 करोड़ रुपये की गोल्ड और सिल्वर ज्वेलरी खरीदी। ये ज्वेलरी 300 से 600 रुपये तक होती थी. लेकिन उसे करोड़ों में बेचा गया। अप्रेल में यूएस में आयोजित ज्वेलरी शो में जांच कराने पर चेरिश को इस ज्वेलरी नकली होने का पता चला।
चेरिश ने जयपुर आकर ज्वेलर गौरव सोनी ओर उसके पिता राजेंद्र से नकली ज्वेलरी बेचने की बात कही तो उन्होंने उसे मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी देकर भगा दिया। इस पर ठगी की शिकार चेरिश ने यूएस एम्बेसी से शिकायत कर न्याय की गुहार की। तब पीड़िता चेरिश की तरफ से माणक चौक थाने में ज्वेलर गौरव और उसके पिता के खिलाफ केस दर्ज हुआ।