



आखिर लंबे अरसे के बाद सत्ताधारी भाजपा की जयपुर में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक सफलपूर्वक संपन्न हो गई। इस बैठक में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को छोड़कर सभी छोटे-बड़े नेताओं ने शिरकत की। जयपुर के सीतापुर इलाके में स्थित जेसीसी सभागार में शनिवार को भाजपा के नेताओं ने पांच उपचुनाव,सत्ता और संगठन की भविष्य की रणनीति को लेकर मंथन किया। इस मंथन में क्या कुछ निकला यह तो आने वाला समय स्पष्ट कर पाएगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश के नेताओं को यह तो जाता दिया कि संगठन के कार्यकर्ताओं में उनकी पकड़ मजबूत है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लंबे समय के अंतराल के बाद अपना एक दिन का समय संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच गुजरा। लोकसभा चुनाव में भाजपा द्वारा 11लोकसभा क्षेत्र में हुई हार को लेकर केंद्र से आए हुए नेताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इसका दोषरोपण एक दूसरे पर मत करिए,आत्ममंथन करो,कमियां है तो उसे दूर कर आगे बढ़ो नहीं तो पार्टी ही कमजोर होगी।
कार्य समिति की बैठक में नेताओं केभाषण ज्यादा हुए कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी गई।प्रदेश बरसे आए कार्यकर्ताओं में एक ही निराशा रही कि उनकी बात कोकेंद्र और राज्य के नेताओं ने नहीं सुना। कार्य समिति की बैठक मेंदो प्रस्ताव पारित किए गए जिसमें पहले केंद्रीय एवं राज्य सरकार के लोककल्याणकारी निर्णयों का अभिनंदन किया और दूसरा प्रस्ताव संगठन की नीति, विचार और सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचाने का संकल्प का रहा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश कार्य समिति में भाग लेने आए हुए भाजपा के कार्यकर्ताओं को एक ही संदेश दिया कि आने वाले समय में यही लोग जनप्रतिनिधि बनेंगे।ऐसे में आप सभी को सरकार और संगठन की बातों को आम लोगों तक पहचाने का काम करना पड़ेगा।