Saturday, 29 August 2026

आईसीडीएस जिला उपनिदेशकों की बैठक, महिला बाल विकास शासन सचिव डॉ. मोहनलाल यादव ने अच्छा काम करने वाले जिलों को किया सम्मानित


आईसीडीएस जिला उपनिदेशकों की बैठक, महिला बाल विकास शासन सचिव डॉ. मोहनलाल यादव ने अच्छा काम करने वाले जिलों को किया सम्मानित

महिला एवं बाल विकास शासन सचिव डॉ. मोहनलाल यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) जिला उपनिदेशकों की मासिक समीक्षा बैठक निदेशालय महिला अधिकारिता परिसर में आयोजित की गई।

डॉ. मोहनलाल यादव ने विभागीय समीक्षा बैठक में जून महीने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। जिसमें श्रीगंगानगर उप निदेशक सुमित्रा विश्नोई को प्रथम स्थान, बीकानेर उप निदेशक सुभाष विश्नोई को द्वितीय स्थान एवं झुंझुनू उप निदेशक बिजेंद्र राठौड़ को तृतीय स्थान पर बेहतर कार्य किये जाने के लिए सम्मानित किया। इसके साथ ही उपनिदेशक भीलवाड़ा नगेंद्र तोलम्बिया, पाली उपनिदेशक राजेश कुमार एवं दौसा उप निदेशक विजय कुमार को भी अच्छे प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया।

महिला एवं बाल विकास शासन सचिव ने निदेशालय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले कार्मिकों में उपनिदेशक डॉक्टर मंजू यादव उपनिदेशक श्री तेज प्रकाश अग्निहोत्री,संयुक्त परियोजना समन्वयक श्री ओमप्रकाश सैनी एवं महिला पर्यवेक्षक श्रीमती सुमन यादव को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

शासन सचिव ने सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश दिए कि आंगनबाडी केंद्रों पर, खुद के भवन निर्माण, उन पर विद्युत कनेक्शन तथा वहां पानी का कनेक्शन किये जाने तथा वहां शौचालयों का निर्माण के कार्यों को गति प्रदान करें।

डॉ. मोहनलाल यादव ने निर्देश दिए कि राजकीय कार्यालयों एवं आंगनबाडी केंद्रों पर जल संरक्षण, जल संचयन तथा जल सुरक्षा के सम्बन्ध में आवश्यक प्रयास करें। उन्होंने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर 20 पौधरोपण करवाये जाने के  निर्देश दिए। बारां, करौली एवं धौलपुर में पोषण वाटिका की प्रगति पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।

दिव्यांग बच्चों के लिए आंगनबाड़ी प्रोटोकॉल पर प्रस्तुतिकरण—

जिला उपनिदेशकों की बैठक में दिव्यांग बच्चों के लिए आंगनबाड़ी प्रोटोकॉल पर यूनिसेफ की ओर से प्रस्तुतिकरण दिया गया। जिसमें बताया कि भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर व्यवहार में लाए जाने के लिए प्रोटोकॉल तैयार किया है। जिसे राज्य की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पालन किया जाना है। स्क्रीनिंग, इंक्लूजन, रेफरल और फॉलोअप सहित तीन स्तर पर आंगनबाडी केंद्रों पर कार्य किया जाना है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर विव्यांग बच्चों के अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाए।

इस अवसर पर वित्तीय सलाहकार पदमचंद, अतिरिक्त निदेशक चाँदमल वर्मा, संजय शर्मा, उपनिदेशक डॉ. मंजू यादव तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Previous
Next

Related Posts