



राजस्थान विधानसभा में गुरुवार 11 जुलाई को करवाई को आप राजस्थान पंछी डिजिटल वेबसाइट के माध्यम से देख सकते हैं। पाठकों की मांग को पूरा करने के लिए यह शुरू किया जा रहा है। आप अपनी प्रतिक्रिया अवश्य हम तक पहुंचाएं जिससे कि आगे भी इसको जारी रखा जा सके।
राजस्थान विधानसभा में आदिवासी क्षेत्र में बच्चों की हो रही तस्करी के मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा
राजस्थान विधानसभा में गुरुवार 11 जुलाई को आदिवासी क्षेत्र में बच्चों की हो रही तस्करी के मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा और ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। विधानसभा में बजट पर सामान्य वाद विवाद को लेकर बहस शुरू हो गई।
बजट बहस की शुरुआत भाजपा की विधायकदीप्ती करण माहेश्वरी ने की। उन्होंने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि भाजपा की डबल इंजन की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने सभी वर्गों को कुछ ना कुछ देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को 5 साल में चार लाख नौकरियां सरकारी स्तर पर और 6 लाख नौकरियां गैर सरकारी स्तर पर देने का जो वादा किया है उससेयुवाओं को रोजगार मिलेगा।महिलाओं और किसानों को भी विभिन्न प्रकार की योजनाएं देकर प्रदेश का भविष्य सुधारने का काम किया है।
कांग्रेस के रोहित बोहरा ने बजट बहस में बोलते हुए कहा कि आखिर प्रदेश की भजनलाल सरकार केंद्र के बजट से पहले अपना बजट क्यों लेकर आई। उन्होंने कहा कि जब केंद्र ने हमें योजनाओं के बारे में बजट एलोकेशन नहीं किया तो फिर आने वाले समय में हम कैसे इसको मैनेज कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि अभी राजस्थान सरकार कोई संकट तो आने वाला नहीं था तो बजट देरी से भी लाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के दौरान पांच जिलों में स्थापित मेडिकल कॉलेज को को विभिन्न कर्मियों के चलते मान्यता देने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब की व्यवस्था नहीं ऐसे में वहां पढ़ने वाले विद्यार्थी कैसे कामयाब होंगे इस पर प्रश्न चिन्ह खड़ा होता है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ने शहरी निकायों की सड़कों के लिए लोन दिया था उसका पैसा अन्य जगह उपयोग कर लिया गया है। सरकार ने जीएसटी के माध्यम से जो लक्ष्य तय किए थे वह काम हुए हैं। ऐसे में पैसा कहां से आएगा यह सवाल पैदा होता है। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है रोजगार के साधन नहीं है। उन्होंने बजट को निराशाजनक बताया।
भाजपा के कुलदीप धनकड़ ने बजट बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार ने बिजली उत्पादन के मामले में कोई काम नहीं किया मौजूदा सरकार ने 2. 25 लाख करोड़ के एमओयू नए बिजली उत्पादन के लिए किए हैं।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हम बिजली में आत्मनिर्भर होंगे और किसानों को दिन में बिजली दे पाएंगे। उन्होंने बजट में जैविक खेती शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे निश्चित तौर पर किसानों की आई बढ़ेगी और लोगों को जैविक उत्पादित फसल प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र विराटनगर को ऐतिहासिक बताते हुए उसके पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि वहां की सड़क ठीक कराई जानी चाहिए। बजट बहस में कांग्रेस के समरजीत सिंह ने कहा कि गहलोत सरकार का बजट बनाने वाले भी यही अधिकारी थेऔर अब भजनलाल सरकार का भी यही बजट बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम आपस में बहस करते रहते हैं मजा तो आखिर यह अधिकारी वर्ग ही लेते हैं । भाजपा केअतुल भंसाली ने कहा कि योजना व तरीके सेसरकार ने बजटप्रस्तुत किया है और उसके मुताबिक प्रदेश का विकास भी सही ढंग से हो पाएगा ।
बजट में शुरू होने से पहले विधानसभा में सरकारी मुख्य सचेतक योगेश्वर गर्ग ने विधानसभा सलाहकार समिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इसे पारित कराया। विधानसभा अध्यक्षवासुदेव देवनानी ने कहा किबजट पर 16 घंटे बहस होगी। उन्होंने कहा कि9 घंटे 26 मिनट भाजपा को, 5 घंटे 25 मिनट कांग्रेस को,15 मिनट भारत आदिवासी पार्टी को, 10 मिनट बीएसपी कोऔर 39 मिनट निर्दलीय विधायकों को बहस का समय निर्धारित किया है। सरकारी मुख्य सचेतक योगेश्वर गर्ग नेबताया कि बजट पर गुरुवार, शुक्रवार, सोमवार और मंगलवार को चार दिन बहस होगी। मंगलवार को बहस का सरकार की तरफ से जवाब आएगा।
विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति ने 29 जुलाई तक विधानसभा का कामकाज तय कर दिया है। 29 को विधानसभा में राजस्थान का बजट पास होगा। 17 जुलाई को विधानसभा नहीं चलेगी।18 जुलाई से अलग-अलग विभागों की अनुदान मांगों पर बहस होगी। हर दिन बहस के बाद मंत्री बहस का जवाब देंगे। 8 दिन तक विधानसभा में अलग अलग विभागों की अनुदान मांगों पर बहस होगी।
विधानसभा में बुधवार को उद्योग मंत्री राजवर्धन सिंह राठौड़ ने वित्त निगमऔर सांभर साल्ट कंपनी का प्रतिवेदन और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर नेराज्य पाठय पुस्तक मंडल की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट रखी। शहरी विकास राज्य मंत्री जबर सिंह खर्रा ने जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
विधानसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस के हरिमोहन शर्मा ने शून्यकाल में पर्ची के माध्यम से इस मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि जनजाति विकास मंत्री के विधानसभा क्षेत्र मेंआदिवासी गरीबों की हालत पर चलते ₹ 6000 में अपने बच्चों को बेच रहे हैं। उन्होंने कहा किगलत 9 महीने में 20 बच्चे दलालों के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में बेचे गए हैं।तो उन्होंने कहा कि मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए सरकार से पूरे प्रकरण की जानकारी मांगी है।उन्होंने कहा कि यह राजनीति का मामला नहीं है बल्कि प्रदेश के हालात किस प्रकार के हैं यह हम जान सकते हैं।
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि निश्चित तौर परआदिवासी क्षेत्र में यह दुखद घटना हुई है। उनका कहना था कि जब मां-बाप ही इस मामले में शामिल हो तो फिर स्थिति कैसी हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में गंभीर है । उन्होंने कहा किवर्ष 2023 में 6 मामले और वर्ष 2024 में एक मामला बच्चे बेचे जाने का दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में काउंसलिंग की जरूरत हैऔर पूरे समाज को इस गलतप्रवृत्ति को रोकने के लिए काम करना पड़ेगा। प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने भी इस मामले में सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
शून्य काल में भाजपा के बीकानेर पश्चिम से विधायक जेठाराम व्यास ने प्राइवेट बिजली कंपनियों की मनमानी का मामला उठाया। व्यास ने बीकानेर में बीकेसीएसल पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने टाटा पावर अजमेर में बदमाशी कर रही है, उसके खिलाफ भी बहुत सी शिकायतें हैं, उस पर भी कार्रवाई कीजिए।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि पूरे प्रदेश में बिजली को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। बिजली नहीं आ रही है। विधानसभा अध्यक्षवासुदेव देवनानी ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह समस्या पुरानी है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि प्राइवेट बिजली कंपनियों की मनमानी की शिकायतों की कमेटी बनाकर जांच करवाएंगे, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि बीकानेर की जो फ्रेंचाइजी कंपनी है, उसको पीपीपी मोड पर 2017 से बीकानेर में बिजली का काम दिया हुआ है। इस कंपनी को पहले भी नोटिस दिया जा चुका है कि अपने काम में सुधार करें। जुलाई में ही नोटिस दिया गया है अगर फिर भी सुधार की संभावना नहीं है और राजनीतिक दबाव से कोई काम हो रहा है और कंपनी ठीक से काम नहीं कर रही है तो हम उसके खिलाफ एक्शन लेंगे।
ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि एक कमेटी बनाकर उनकी जांच कराई जाएगी। कंपनी 2017 से काम कर रही है, कंपनी को जो इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलप करना चाहिए था, वह नहीं किया। चारों जगह प्राइवेट कंपनी काम कर रही है। अजमेर, कोटा, भरतपुर और बीकानेर में प्राइवेट कंपनियों को बिजली वितरण का काम दिया था, चारों जगह जांच करवाई जाएगी। कमियों को ठीक करवाएंगे और राजनीतिक आधार पर लगे लोगों को हटवाएंगे। जरूरत होगी तो हम उस पर कार्रवाई करेंगे।
शून्यकाल में नियम स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से विधायक अमृतलाल मीणा ने 133 केवी बिजली स्टेशन को शीघ्र लगाने की मांग रखी और शून्यकाल में ही नियम 295 के तहत विधायक हंसराज पटेल ने महुआ में डेयरी के संचालन में हो रही गड़बड़ी का मामला उठाया। भाजपा के विधायक छोटू सिंह ने जैसलमेर में उपनिवेशन क्षेत्र में भू सर्वेक्षण करने की मांग की और कहा कि वहां के वंचित लोगों को इसमें शामिल किया जाए। विधायक चंद्रभान सिंह चौहान ने प्रदेश मेंराशन विक्रेताओं के बकाया कमीशन का शीघ्र भुगतान करने की मांग की।विधायक गोविंद प्रसाद ने मनोहर थाना क्षेत्र के चिकित्सालय की बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने की मांग की।विधायक चेतन पटेल ने पीपल द विधानसभा क्षेत्र मेंबाढ़ से बेघर हुए लोगों कोपीएम आवास मेंमकान देने की मांग रखी।भाजपा के विधायक श्री चंद्र कृपलानी ने छोटी सादड़ीके अस्पताल को उप जिला अस्पताल बनाने की मांग रखी। कांग्रेस के विधायक जुबेर खान ने रामगढ़ में 133 केवी बिजली स्टेशन को शीघ्र लगाने की मांग रखी।भाजपा कीतृप्तिकरण माहेश्वरी नेउनके विधानसभा क्षेत्र के कोटरी चारागाह में विभिन्न फैक्ट्री द्वारा पूरा करकट डाले जाने सेस्थिति खराब होने और उसका निस्तारण की मांग रखी।
भाजपा की विधायक अजय क्लिक ने प्रधानमंत्री बीमा योजना में हो रही गड़बड़ी का मामला उठाया। विधायक उदयलाल डांगी ने वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में स्थित राजसमंद झील में विभिन्न कंपनियों द्वारा केमिकल वेस्ट डाले जाने सेपानी के प्रदूषण को रोकने की मांग रखी। विधायक बहादुर सिंह ने महाराजा सूरजमल विश्वविद्यालय में कुलपति द्वारा की जा रही गड़बड़ी की जांच करने की मांग की।
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने अपने क्षेत्र में सड़क निर्माण में देरी सरकार को घेरा। वहीं, श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि एक तरफ तो सरकार जनसंख्या नियंत्रण की बात करती है, वहीं ऐसे क्षेत्रों में कम जनसंख्या का हवाला देते हुए सड़क-हॉस्पिटल भी नहीं बनाती है। प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी विधायक श्रीचंद कृपलानी ने हॉस्पिटल, स्कूल खोलने के जनसंख्या के मापदंडों पर सवाल उठाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कृपलानी के सवाल के जवाब में कहा कि वर्तमान में निंबाहेड़ा जिला अस्पताल का प्रसव भार अनुसार मैटरनिटी बेड ऑक्युपेंसी रेट 48.44 प्रतिशत है जो कि तय मापदंड 70 प्रतिशत से कम है, इसलिए निम्बाहेड़ा जिला अस्पताल में मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्र मंजूर किया जाना विचाराधीन नहीं है।
मंत्री के जवाब पर कृपलानी ने कहा कि एक तरफ तो सरकार जनसंख्या नियंत्रण की बात करती है। दूसरी तरफ आप कम जनसंख्या वाले क्षेत्रों में शिशु स्वास्थ्य केंद्र नहीं खोल रहे हो। सरकार चाहती क्या है?हम स्कूल खुलवाने जाएं तो आप कहते हो बच्चों की संख्या इतनी होनी चाहिए। अगर सड़क बनाने जाएं तो 2000 की आबादी होनी चाहिए, हम अस्पताल खुलवाने के लिए जाएं तो इतनी आबादी होनी चाहिए।
कांग्रेस विधायकों ने भाजपा और कांग्रेस राज में महिला अपराधों की तुलना के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के जवाब से नाराज होकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायकों का आरोप था की चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का जवाब एक तरफा था। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इंदिरा मीणा के जवाब के दौरान विधायक हरिमोहन शर्मा से कहा कि जवाब तो सुनना पड़ेगा।इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा की सच्चाई को छुपाया नहीं जा सकता।
कुछ देर बाद कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह शिव सर ने कहा कि 6 महीने में महिला अत्याचारों में 6% की कमी आई है।
छबड़ा से भाजपा विधायक प्रताप सिंह मंत्री के जवाब से असंतुष्ट सिंघवी ने कहा की जिस गांव को वन विभाग में बताया जा रहा है वह गांव उसे कैटेगरी में आता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि छपरा विधानसभा के जयसिंहपुर गांव में सड़क नहीं बनने को लेकर सिंक भी ने कहा की पिछली कांग्रेस सरकार ने भी इसी तरह के जवाब दिए थे और इन गांव में सड़क नहीं बनाई।
सार्वजनिक निर्माण राज्य मंत्री मंजू बाघमार करने कहा की वन विभाग की जमीन होने के कारण छबड़ा क्षेत्र के इन गांव में सड़क नहीं बनी है, वन विभाग की मंजूरी की कोई समय सीमा नहीं है। इस पर भाजपा विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा की सड़क नहीं बनने का कारण साफ करना चाहिए।