



राजस्थान विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने परिवर्तित बजट 2024-25 पर प्रतिकिया करते हुए इसे बिना विजन के बनाया हुआ दिशाहीन बजट बताया है, जिसमें पुरानी घोषणाओं को दोहराया गया।
प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि इस बजट में उप मुख्य मंत्री द्वारा यह कहा गया है कि हमने संकल्प पत्र के 45 प्रतिशत बिन्दुओं को पूरा कर दिया गया है जबकि हकीकत यह कि 27 प्रतिशत वायदे भी पूरे नहीं किये गये हैं। जूली ने कहा कि इनके मुख्यमंत्री जी कुछ कहते हैं और वित्त मंत्री कुछ और, आपस में समन्वय का अभाव है।
विधानसभा बजट पेश होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि भारत सरकार के बजट से पहले इनका बजट आ गया। अभी यह तय नहीं कि केन्द्र सरकार किन किन योजनाओं में इनको कितना पैसा देगी, पी.के.सी. ई.आर.सी.पी. पर केन्द्र से कितना पैसा मिलेगा, मनरेगा में कितना पैसा मिलेगा, यह सब भविष्य के गर्भ में है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती गहलोत हमारी सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया गया था। 2023-24 में राजकोषीय घाटा 62772 करोड़ था जो 2024-25 में बढ़कर 70,000 करोड़ हो गया है। 2018-19 में राज्य का बजट आकार 2.12 लाख करोड़ का था जिसे हमने बढ़ाकर 2023-24 में 3.90 लाख करोड़ किया, यानि इसमें 84 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की।
प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि 2018-19 में प्रति व्यक्ति आय 98698 रूपये प्रतिवर्ष थी, जो कांग्रेस शासन में बढ़कर 1,51,149 रूपये प्रतिवर्ष हो गई। इससे यह जाहिर होता है कि हमारी पूर्ववर्ती सरकार की आर्थिक नीति विकासोन्नमुख थी।
प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि इस बजट में जनकल्याणकारी फैलेगशिप योजनाओं को बन्द कर दिया गया है, जिससे आम जनता की आशाओं पर पानी फिर गया है। जूली ने कहा कि नये भर्ती हुए प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य को लेकर हमने ओ.पी.एस. जैसी महत्वपूर्ण योजना का लागू किया जिसका इस बजट में कहीं उल्लेख नहीं किया गया है। इसी प्रकार आम जन को राहत देने वाली मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का नाम परिवर्तित करने के साथ ही इसके प्रावधानों में भी कटौती कर दी गई जिससे लोगों में निराशा व्याप्त है।
प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस की घोषणाएं गरीबो, दलितों, वंचितों को ध्यान में रखकर बनाई जाती है, परन्तु भाजपा के इस बजट में इनपर कोई प्रावधान नहीं किया गया। इस परिवर्तित बजट 2024-25 में बहुत से ऐसे बिन्दु हैं, जिनका मैं नीचे उल्लेख करना चाहूंगाः-
उन्होंने कहा कि बजट में दलित, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग, कर्मचारी एवं छोटे व्यापारियों के लिए कुछ भी नहीं दिया गया है।
प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि पूर्व में प्रस्तुत बजट में जयपुर में हाईटेक सिटी की घोषणा की थी छ माह बाद भी अभी तक उसके लिए जमीन तक नहीं ढूंढी जा सकी। बिजली के लिए 2031-32 का विजन दिया गया है। जबकि वर्तमान में किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं एवं उद्योगों में कटौती की जा रही है।सड़कों के लिए बजट दिया गया है। परंतु पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा स्वीकृत सड़कों जिनकी वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है, टेण्डर हो चुके हैं व कायदिश भी जारी हो चुके हैं को वर्तमान सरकार द्वारा शुरू नहीं किया गया है।
प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि नई सड़कों के बनाने की घोषणा की जा रही है परंतु वर्तमान में क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक नहीं किया गया है जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।