



टोंक बनास नदी गहलोद रपटा शनिवार की तडके टूट जाने से दर्जनों गांवों को टोंक से सीधा सम्पर्क टूट गया। ऐसे हालातों में ग्रामीणों को सोहेला होकर करीबन 40 किमी का चक्कर काट करके टोंक आना पड़ रहा है।जिसकी इतला मिलने के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग टोंक के अधिकारी सहित सदर टोंक पुलिस पहुंची तथा अवरोधक लगा करके ट्रेफिक को डायवर्ट किया गया साथ ही मिट्टी डाल करके रास्ते में अवरोधक लगाएं ताकि कोई वाहन रपटा की तरफ नहीं जा सकें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार की तडके अचानक बनास नदी गहलोद में पानी आने से रपटा टूट गया इतना ही नही रपटा में लगे बडे-बडे सीमेंट के पाइप भी तिनके की तरह बह गए। जिसकी सूचना मिलते ही सार्वजनिक निर्माण विभाग टोंक के अधिशाषी अभियंता दिलीप कुमार के निर्देशो के बाद सहायक अभियंता द्धितीय विशापा मोहरिया,कनिष्ठ अभियंता तरूणा गुर्जर भी वहां पहुंची तथा ज्योति बिल्डर्स के पवन कुमार, तूफान सिंह की मदद से जेसीबी से अवरोधक लगाएं गए।साथ ही बनास नदी गहलो द हाई ब्रिज का काम भी रुक गया है बनास नदी में पानी आने से अब निर्माण सामग्री ब्रिज कार्य स्थल तक नहीं पहुंच सकती ।इतना ही नहीं ब्रिज कार्य में लगे कुछेक मजदूर भी फंस गए है जिनके लिए ब्रिज निर्माण कम्पनी की तरफ से राशन सामग्री पहुंचाई जा रही है। बनास नदी में अचानक पानी का बहाव बढ़ने से शनिवार को तड़के तेज गति से पानी आने से बनास नदी गहलोद का रपटा पूरी तरह से टूट गया। जिससे पीपलू,मालपुरा,डिग्गी सहित करीबन दो दर्जनों से अधिक गांवों का सम्पर्क टूट गया। अब इन गांवों के लोगो को 40किमी का चक्कर लगा करके सोहेला से टोंक आना पड़ रहा है।
बनास नदी में बजरी ट्रकों की नहीं रुक रही आवाजाही, पानी का बहाव तेज होने के बावजूद
बनास नदी में तेज गति से लगातार बढ रहे जलस्तर के बावजूद बजरी के ट्रकों की आवाजाही लगातार जारी है। वहीं दूसरी तरफ जिला एवं पुलिस प्रशासन लगातार लोगो को बनास नदी सहित तेज प्रवाह वाले नदी नालों व एनिकट आदि जगहों पर जाने से रोक रहा है। बनास नदी टोंक में शनिवार को दर्जनों बजरी के वाहन दिखाई दिए जो जयपुर रोड से सीधे ही पुरानी चमड़ा फैक्ट्री के पास से बनास नदी में बजरी लेने के लिए जाते दिखाई दिए। इतना ही नहीं बनास नदी जयपुर रोड से कुछेक ही दूरी पर जेसीबी भी थी।वैसे तो हादसा किसी के भी साथ हो सकता है लेकिन एक तरफ पुलिस आम व्यक्तियों को बनास नदी में नहीं जाने के लिए रोक रही है दूसरी तरफ बजरी वाहनों का बिना रोक टोक आवाजाही हो रही है जिनको रोकने की कोई कोशिश नहीं की जा रही।
खुरेडी गांव में पानी में फंसे ग्रामीणों को एसडीआरएफ के जवानों ने सकुशल बाहर निकाला
टोंक जिले में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बरसात के बाद सहोदरा नदी में पानी की आवक होने से आसपास के गांव टापू बन गए । ऐसे हालातों से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम जिला कलक्टर डाॅक्टर सौम्या झा के निर्देशन में ग्रामीणों की मदद करने में जुटी हुई है।
पुलिस थाना पीपलू के खुरेडी गांव में शनिवार को कुछेक ग्रामीणों के फंसे होने की सूचना मिलने के बाद कमाण्डेन्ट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया के निर्देशानुसार आपदा राहत एवं बचाव के लिए एसडीआरएफ ई कम्पनी अजमेर की रिजर्व पुलिस लाईन टोंक में तैनात रेस्क्यू टीम ई-06 के प्रभारी रतिराम 10 जवानों की टीम तथा आपदा राहत उपकरणांे के साथ घटनास्थल पहुंचे। जिन्होंने पिछले दो दिनों से क्षेत्र में हो रही भारी बरसात से सहोदरा नदी में उफान होने सेखुरेडी गांव की ढाणी टापू बनी हुई थी। ढाणी के चारों तरफ 5 से 7 फीट तक पानी भरा हुआ था तथा कुछ ग्रामीण फंसे हुए थे। रेस्क्यू टीम के जवान भरतलाल, मुकेशकुमार, राजेश गुर्जर, गोविन्द नारायण, सुरेन्द्र कुमार,मुकेश कुमार गुर्जर,राजेन्द्र,राजाराम तथा जयप्रकाश ने रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू किया। जिन्होंने सबसे पहले रेस्क्यू टीम मोटर बोट सहायता से उफनती सहोदरा नदी को पार करके खुरेडी गांव की ढाणी में पहुंचे उसके बाद टीम ने ढाणी में फंसी एक महिला तथा 3 पुरूषों को लाईफ जैकेट पहनाकर सुरक्षित रेस्क्यू किया जिनमें श्रीमती रामा पत्नी दामोदर मीणा( 55 ) ,हनुमान पुत्र कानाराम मीणा ( 32 ) ,शंकर पुत्र दामोदर मीणा ( 32 ) ,रामबाबू पुत्र दामोदर मीणा ( 22 ) ,सभी निवासी ग्राम खुरेडी शामिल है। जिस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर सुरेश चैधरी,एसडीएम श्रीमती सरिता सिंह,तहसीलदार जगमोहन सिंह नरूका,पीपलू पुलिस थानाधिकारी बृजेन्द्र सिंह मय पुलिस जाप्ता सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।