

हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के बाद मची भगदड़ में भरतपुर तीन महिला के घायल होने की पुष्टि हुई हैं। सत्संग में शामिल होने के लिए भरतपुर शहर से करीब 800 लोग गए थे।
भरतपुर से गए हुए लोग हाथरस, एटा, सिकंदराराऊ और मथुरा में अपने साथियों की तलाश कर रहे हैं। भोले बाबा के सत्संग में भरतपुर के विजय नगर कॉलोनी, कुम्हा, देयोपुरा गांव से बस गई थी। बाकी लोग अपनी छोटी गाड़ियों से हाथरस पहुंचे थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों ने जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।
सत्संग में शामिल होने गए विजेंद्र निवासी कुम्हा ने बताया कि मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम के नाम से एक कमेटी है। उसके द्वारा हमें पता लगता है कि भोले बाबा का कहां सत्संग है। सत्संग का समय सुबह 10 बजे से 2 तक था। भरतपुर से शामिल होने वाले लोग सुबह करीब 6 बजे हाथरस के लिए रवाना हुए। 10 बजे से सत्संग शुरू हो गया। सत्संग में हजारों की संख्या में भीड़ मौजूद थी। 2 बजे सत्संग खत्म हुआ तो हम लोग अपनी बस में बैठकर भरतपुर के लिए रवाना हो गए।हमारी बस हाथरस से निकल भी नहीं पाई थी, उससे पहले पता लगा कि कोई हादसा हुआ है, जिसमें कई मौत हो गई हैं और कई महिलाएं और बच्चे घायल हैं।
सत्संग में शामिल होने गए विजेंद्र निवासी कुम्हा ने बताया कि हमने हाथरस की कमेटी से संपर्क किया, जिसके बाद हम भरतपुर के बाकी लोगों की तलाश में हाथरस पहुंचे। जहां हमें पता लगा कि मलाह गांव की एक महिला रानी (40) और उसके बेटी ज्योति (16) भी सत्संग में आई थी। जो घायल हैं और एटा अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं गोलपुरा निवासी प्रेमवती भी बस से सत्संग सुनने पहुंची थी, उसके भी घायल होने की सूचना मिली है।
विजय नगर के पार्षद मोती सिंह ने बताया कि हमारे क्षेत्र से सत्संग सुनने के लिए करीब 300 से 400 लोग गए थे। भोलेबाबा के सत्संग सुनने के लिए आम तौर पर भरतपुर से हजारों की संख्या में लोग जाते हैं। लगातार लोगों से बात हो रही है। अभी तक ऋषिकेश करने की कोई सूचना नहीं है। सत्संग में जाने के लिए सुबह 4 बजे से लोगों का जाना शुरू हो जाता है।