


टोंक स्थानीय मोहल्ला तालकटोरा निवासी इरम फातिमा ने एक साथ तीन बच्चो को जन्म दिया है, जिसमे दो बेटे और एक बेटी है ।इससे पहले 14 दिन पूर्व 14 जून को इसी अस्पताल में टोंक के वजीरपुरा की महिला सीता देवी ने भी तीन बच्चो को एक साथ जन्म दिया था वही इसी हॉस्पिटल में 11 महीने पहले वजीरपुरा गांव की ही एक अन्य महिला ने एक साथ 4 बच्चो को जन्म दिया दिया था ।
टोंक में आयुष्मान हॉस्पिटल में पिछले 11 महीने में यह तीसरा मौका है ।यहां एक बार फिर से एक महिला में बुधवार को ही एक साथ तीन बच्चो को जन्म दिया है और यह तीन मिनट के अंतराल में जन्मे है ।शादी के बाद पहले ही साल में मां बनने की खुशी के साथ इरम फातिमा को तिहरी खुशी मिली है।
बुधवार की दोपहर 2 बजकर 16 मिनट से 2 बजकर 18 मिनट के बीच टोंक के तालकटोरा क्षेत्र की रहने वाली इरम फातिमा ने टोंक के आयुष्मान हॉस्पिटल में एक साथ तीन बच्चो को जन्म दिया । सबसे पहले बेटी का जन्म हुआ और उसके बाद दो बेटों को जन्म दिया। हॉस्पिटल की डॉक्टर शालिनी अग्रवाल के अनुसार इस तरह के मामले रेयर होते है बच्चो को जन्म देनी वाली माँ स्वस्थ है।यंहा पिछले 11 महीने में यह तीसरा मामला है जब किसी महिला ने 3 या 4 बच्चो को जन्म दिया है ।
टोंक जिले के वजीरपुरा गांव और आयुष्मान हॉस्पिटल का संयोग ही है कि 10 महीने पहले 27 अगस्त को इसी हॉस्पिटल में वजीरपुरा गांव की रहने वाली किरण कंवर ने डॉक्टर शालिनी अग्रवाल की देखरेख में एक साथ चार बच्चो को जन्म दिया था और चारो बच्चे स्वस्थ है। वही 10 महीने बाद उसी वजीरपुरा गांव की महिला सीता देवी ने एक साथ तीन बच्चो को जन्म दिया है और तीनों बच्चे स्वस्थ है ।
कहते है भगवान के घर न देर है न अंधेर है ओर ऐसा ही हुआ बुधवार की दोपहर यह कहना भी सही होगा कि ऊपर वाला देता है तो छप्पर फाड़ के देता है यह कहावत टोंक के तालकटोरा क्षेत्र में रहने वाले जोड़े अतीक अहमद ओर फातिमा के साथ हुआ जब कि शादी के पहले ही साल में पहली ही डिलेवरी में उनके घर एक साथ तिहरी खुशी आई है ।
मेडिकल साइंस के अनुसार 250 प्रेग्नेंसी में एक महिला के टिविन्स की संभावना होती है वही 10 हजार प्रेग्नेंसी में ट्रिप्लेट की संभावना होती है तो वही 7 लाख प्रेग्नेंसी में चार बच्चो की संभावना एक प्रेग्नेंसी में ही होती है ।