Saturday, 29 August 2026

फर्जी पुलिस अधिकारी बन अच्छी कार्रवाई करने के नाम से साईबर फ्रॉड करने वाला एक आरोपी गिरफ्तार,ऑनलाईन एफआईआर डाउनलॉड कर फरियादी को फोन कर ठगने का करता था काम


फर्जी पुलिस अधिकारी बन अच्छी कार्रवाई करने के नाम से साईबर फ्रॉड करने वाला एक आरोपी गिरफ्तार,ऑनलाईन एफआईआर डाउनलॉड कर फरियादी को फोन कर ठगने का करता था काम

चित्तौड़गढ़ जिले में घटित अपराध पर दर्ज होने वाली एफआईआर ऑनलाईन होने पर साईबर धोखेबाज द्वारा ऑनलाइन एप्स के माध्यम से एफआईआर को डाउनलोड करके पुलिस अधिकारी बन फरियादी को मामले में अच्छी कार्रवाई का झांसा देकर साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को जिला साइबर सैल एवं सदर थाना चित्तौडगढ ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए एमपी-यूपी बॉर्डर पर स्थित अस्तारी गांव से गिरफ्तार किया है। पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने फर्जी मोबाईल सिम व फर्जी बैंक अकाउंट खुलवा रखे थे।     

पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि ओछडी थाना सदर चित्तौड़गढ़ निवासी भैरुलाल लौहार ने सदर थाने पर दी एक लिखित रिपोर्ट में बताया कि उसके पुत्र विक्रम ने सदर थाने में एक परिवाद दर्ज करवाया था। उस परिवाद पर कार्रवाई के नाम पर अज्ञात मोबाईल नम्बर से फोन कर पुलिस अधिकारी व जनप्रतिनिधि के नाम लेकर अच्छी कार्रवाई कराने का झांसा देकर 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था। वह उसके मोबाइल पर अनजान नम्बर से फोन कर बोला कि वह पुलिस अधिकारी एसपी कार्यालय चित्तौड़गढ़ से बोल रहा हैं। उनके द्वारा दर्ज परिवाद में कोई कार्रवाई नहीं हुई हैं, जिसमें मुल्जिमों को अरेस्ट कर हवालात में डालने की बात कर खर्चा मांगने लगा, जिसके लिए लगातार फोन कर फोन पे नंबर पर पैसे डलवाने की बात कर रहा है।     

धोखेबाज ने स्वयं पुलिस का अनुसंधान अधिकारी बन अनुसंधान में मदद करने की भी बात कही। इसी तरह के कई मामले जिले में दर्ज कराई एफआईआर के फरियादियों से उसी अज्ञात नम्बर से फोन कर अच्छी कार्यवाही कराने के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं।     

मामले की गम्भीरता को देखते हुए ऐसे साईबर धोखेबाज को पकड़ने के लिए एएसपी परबत सिंह एवं वृत्ताधिकारी चित्तौड़गढ़ तेजकुमार पाठक के निर्देशन में जिले की साईबर सैल एवं सदर थाने की एक टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा तकनीकी रुप से अनुसंन्धान करते हुए उक्त साईबर फ्रॉड की जानकारी जुटाई। उक्त धोखेबाज एमपी, यूपी बोर्डर के जिला निवाडी (एमपी) का होना पाया गया। जिस पर गठित टीम द्वारा उनके संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर एक साईबर धोखेबाज मध्यप्रदेश के निवाडी जिले के अस्तारी गांव निवासी 25 वर्षीय कौशल पुत्र नन्दकिशोर यादव को अस्तारी से डिटेन कर गिरफ्तार किया गया।

पुलिस जानकारी से पता चला कि पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने फर्जी मोबाईल सिम व फर्जी बैंक अकाउंट खुलवा रखे थे। अस्तारी गांव में कई लोग इस प्रकार के अपराध में लिप्त होकर उनके खिलाफ धोखाधड़ी के कई प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी स्वयं मामले का अनुसंधान अधिकारी बन अनुसंधान में मदद करने की बात भी करके फरियादियों से ठगी करता था।

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