


अजमेर गुमटी और डेयरी संघ द्वारा सोमवार को अपना रोजगार बढ़ाने के लिए अध्यक्ष विकास प्राधिकरण अध्यक्षऔर जिला कलक्टर को प्रधानमंत्री,रेल मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
अजमेर शहर के अंदर जो पीपीपी मोड पर जो जमीन है रेलवे की निजीकरण में दी जा रही है और रेलवे जिसके ऊपर अपना अधिकार समझकर उनके इर्द-गिर जो भी व्यवसाय रहता आदमी है चाहे मां खेल हो थोड़ी हो घूमती हो गाने वाला हो, चाहे चाट पकौड़ी वाला हो और चाहे भोजनालय वाला हो उनको हटवारी है उनका रोजगार छीन रही है। इसके विरोध में सोमवार कोयह प्रदर्शन करके ज्ञापन दिए गए की रेलवे अपना अधिकार इस भूमि पर नहीं समझे रेलवे अपना अधिकार अपनी सीमा में समझे इसलिए यह कार्रवाई के लिए सोमवार को देश के प्रधानमंत्री और रेल मंत्री के नाम का ज्ञापन अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और जिला कलक्टर दिए गए। ज्ञापन में कहा गया है कि अजमेर कचहरी रोड पर और अजमेर शहर के अंदर जो गुमटी है और डेयरी बूथ बने हुए है उनको चुन चुन कर अजमेर विकास प्राधिकरण द्वाराना तो कोई नोटिस दिया है 3 दिन का ना 7 दिन का और उनके ऊपर अचानक आकर बुलडोजर चलाया जाता है। जिससे उन दुकानदारों को भय व्याप्त है और उनके दुकानों में जो 30 से 40 हजार रुपए का उन्होंने काम कर रखा है उसके ऊपर बुलडोजर चलते ही वह बेकार हो जाते हैं और वे बेरोजगार हो जाते हैं। इस प्रकार की कार्रवाई की पुनरावृत्ति नहीं हो उसे रोका जाए।
अजमेर गुमटी और डेयरी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम भी दिया ज्ञापन
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया के राजस्थान के अंदर 6000 गुमटियां अलग-अलग कस्बा और शहरों में लगी हुई है अगर राजस्थान सरकार चाहे तो इनका लीज बढ़कर और 6000 गुमटियों से अगर 10000 रुपए प्रति गोमती भी लेती है तो 6 करोड रुपए का राजस्व हाय प्राप्त होगी। इसलिए हमने राज्य के मुख्यमंत्री से भी है निवेदन और गुहार लगाइए के राजस्थान और अजमेर के अंदर खास तौर से इन गुमटियों को सुरक्षित रखा जाए और अजमेर के अंदर जो अजमेर विकास प्राधिकरण और नगर निगम जो मन चाहे तरीके से अपने नियम बनाकर और लोगों के रोजगार छीन रही है उनको पाबंद किया जाए।