


पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा हैं कि धर्म प्रदर्शन का नहीं आत्मदर्शन की वस्तु हैं।धर्म कोई भी हो वह किसी समुदाय,जाति अथवा रंग के अधीन नहीं हैं। जिसकी प्रवृति दयालु हैं, वाणी मीठी हैं,व्यवहार सरल हैं और हर परिस्थिति में वह अपने आपको सहज महसूस करता हो वहीं व्यक्ति धार्मिक हो सकता हैं।
पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने पायगा पंचायत के गांव लतींफगंज में कहा कि आज संत समागम देखने को मिला हैं, ये कहीं पूर्व जन्मों के अच्छे परिणाम का परिचायक हैं।संत चलते फिरते देव मन्दिर हैं जिनको देखते ही हमारे मन के भावों में शुद्धता आती हैं इनके दर्शन से सत्य,प्रेम,करूणा का संचार होता हैं।
पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने ग्राम पंचायत पायगा के गांव लतींफगंज में हनुमान मंदिर में आयोजित सीताराम जी मूर्ति प्रतिष्ठा एवं उद्घाटन समारोह कार्यक्रम में शिरकत की तथा मंदिर एन विराजित बालाजी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने हनुमान जी मन्दिर में सीताराम जी मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा व पूर्णा वति पर आयोजित कथा मे बोल रहे थे ।
श्रीधाम वृन्दावन के कथावाचक ओमजी ने कहा कि गुरु और गौ में भारत की पुरातन वैदिक संस्कृति झलकती हैं। देश का भविष्य बचाने के लिए हमें गौ वंश को बढ़ाना होगा।उन्होंने बूचडख़ानों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने परमात्मा को पाने के लिए नरसी मेहता जैसा भरोसा करना आवश्यक बताया।