


ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के चारों द्वार गुरुवार 13 जून को मंगला आरती के दौरान श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ उनका मंत्रिमंडल, पुरी के सांसद संबित पात्रा और बालासोर के सांसद प्रताप चंद्र सारंगी मौजूद रहे और सभी ने द्वार खुलने के बाद मंदिर की परिक्रमा की।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चुनावी घोषणा को पूरा करते हुए पहली कैबिनेट बैठक में जगन्नाथ मंदिर के चारों द्वार खोलने का प्रस्ताव रखा था। प्रस्ताव पारित हो गया और गुरुवार सुबह 6:30 बजे सभी द्वार खोले गए। मंदिर के विकास के लिए 500 करोड़ रुपए के कॉर्पस फंड की भी घोषणा की गई है।
कोरोना काल में पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सरकार ने मंदिर के अश्व द्वार, व्याघ्र द्वार और हस्ति द्वार को बंद करने के आदेश दिए थे। सिर्फ सिंह द्वार ही खुला था, जिससे श्रद्धालु मंदिर में आते-जाते थे। इस कारण मंदिर में भारी भीड़ और लंबी कतारें लगी रहती थीं। श्रद्धालु लंबे वक्त से सभी द्वार खोलने की मांग कर रहे थे।