Saturday, 29 August 2026

राजस्थान 2047 की जिला स्तरीय कार्यशाला: किसानों को जैविक खेती की तरफ ध्यान देना होगा ताकि उच्च गुणवत्ता का उत्पाद हो सकें : सरोज बंसल


राजस्थान 2047 की  जिला स्तरीय कार्यशाला: किसानों को जैविक खेती की तरफ ध्यान देना होगा ताकि उच्च गुणवत्ता का उत्पाद हो सकें :  सरोज बंसल

टोंक बम्बोर गेट स्थित आत्मा सभागार में कृषि विभाग के तत्वावधान में विकसित राजस्थान 2047 के लिए विजन डाकूमेन्ट बनाने के लिए  जिला स्तरीय कार्यशाला जिला प्रमुख सरोज बंसल की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिसमें  कृषि में उत्पादन एवं आय बढाने के लिए  प्रगतिशील कृषकों,कृषि हितधारकों, अधिकारियों सुझाव दिए।

कार्यशाला में जिला प्रमुख सरोज बंसल ने कहा कि किसान मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता बनाये रखने के लिए जैविक खेती अपनाऐं जिससे उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता के कृषि उत्पाद प्राप्त हो सकें।उन्होंने कहा कि खेती में उन्नत तरीके अपनाकर अधिक उत्पादन प्राप्त करें जिससे जीवन स्तर में सुधार हों। आज रसायनों के अंधाधुन्ध प्रयोग से मानव स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ता है एवं विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो रहें है। 

जिला प्रमुख ने कहा कि विकसित राजस्थान 2047 के तहत हमें स्वस्थ राजस्थान का संकल्प भी लेना होना ताकि प्रदेश की जनता स्वस्थ एवं निरोगी रहें। 

अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार खण्ड जयपुर लक्ष्मीनारायण बैरवा  ने वर्षा जल संचय के लिए  अधिक से अधिक फार्म पौंड बनाने एवं फलदार पौधे लगाने की सलाह दी। मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिश के आधार पर प्राप्त विश्लेषण रिपोर्ट में वैज्ञानिकों द्वारा की गई सिफारिश  के आधार पर पौषक तत्वों का सन्तुलित उपयोग करने पर बल  दिया। उन्होनें बताया कि सिंचाई पानी का सदुपयोग किया जावें जिससे कम पानी से अधिक क्षेत्र में सिचाई कर कृषि उत्पादन को बढाया जा सकेे। उन्होनें बताया कि सुझावों को एकत्रित कर एक विजन दस्तावेज 2047 तैयार किया जायेगा, जिससे राजस्थान को 2047 तक गुणवत्ता युक्त कृषि उत्पाद में अग्रणी बनाने के लिए प्रयास किये जायेगें। 

संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार जिला परिषद वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि विकसित राजस्थान-2047 में मृदा स्वास्थय एवं जल संरक्षण करके आगामी पीढी के लिए  उज्जवल भविष्य के अवसर पैदा किए जाएं। उन्होंने  बताया कि उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण मूल्य संवर्धन व विपणन तथा निर्यात योग्य उत्पादन पर भी ध्यान देना चाहिए जिससे उन्हें उत्पाद का पूरा मूल्य प्राप्त हो। विकसित राजस्थान 2047 पर जिले में कृषि का स्वरूप कैसा हो,किसानों की उत्पादकता कैसे बढे एवं मौजूद कृषि योग्य भूमि में अधिक उत्पादन कैसे लिया जाये पर विस्तार से चर्चा की गई। 

जिला प्रभारी एवं उपनिदेशक आत्मा ओमप्रकाश यादव ने राज्य सरकार की राज्य सरकार की विकसित भारत 2047 की उपयोगिता,आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक आत्मा दिनेश कुमार बैरवा ने जिले में फसल विवधीकरण हेतु प्रगतिशील कृषकों को राज्य एवं अन्र्तराष्ट्रीय भ्रमण एवं प्रशिक्षण के महत्व पर जानकारी दी। उप निदेशक उद्यान  चन्द्र प्रकाश बडाया ने जिले में नींबू, आँवला, बेर, अमरुद, के वगीचे लगाने, संरक्षित खेती, सूक्ष्म सिंचाई व  उद्यान विभाग द्वारा संचालित अनुदान की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। 

पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक छोटूलाल बैरवा ने पशु पालन विभाग की कामधेनु योजना व पशु बीमा पर विस्तार से जानकारी दी तथा पशुओ की नस्ल सुधार एवं उचित पोषण प्रवंध से दुग्ध उत्पादन वढाने की जानकारी दी। केन्द्रीय भेड एवं ऊन अनुसंधान केन्द्र अविकानगर के डा. एल. आर. गुर्जर ने कहा कि आगामी समय में मांस की बढती हुई मांग को पूरा करने व आमदनी बढ़ाने हेतु उन्नत नस्ल के पशुओं को ही पालने पर जोर दिया। कृषि विज्ञान केंद्र बनस्थली के विषय विशेषज्ञ नरेश अग्रवाल ने फसल उत्पादन बढाने के लिए उच्च उत्पादन वाली किस्में, शस्य क्रियाओं को और सबल करने में पौध संरक्षण कार्यों को अधिक गुणवत्ता पूर्ण करने पर जोर दिया। मण्डी सचिव रत्ति राम गुर्जर ने कहा कि  किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि आदानों की ग्रेडिंग के लिए उपकरणों की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला परिषद सदस्य रामजीलाल बैरवा ने नाबर्ड के सहयोग से किसानों को ऋण उपलब्ध कराने का सुझाव दिया।

बायो पेस्टिसाइड एवं बायो ऐजेन्ट इन्ट्रीग्रेटेड लेब के उप निदेशक पौध व्यायधि डा. सूरज मल जाट, सहायक निदेशक दूनी बाबूलाल यादव,सहायक निदेशक मालपुरा डा. महेश कुमार कुमावत, सहायक निदेशक रामपाल शर्मा,रिपुदमनसिंह राजावत, क्रय-विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष उमराव सिंह, सहायक निदेशक दुर्गाशंकर कुम्हार,जैविक कृषक किशन लाल देशमा, कृषि आदान विक्रेता संघ के अध्यक्ष रामवतार मित्तल, , कृषि अधिकारी कजोड मल गुर्जर, डा. मुकेश कुमार गैना,उद्योपति सुनिल जैन, अमोलक चैधरी,दुर्गाशंकर पारीक,भरत चैधरी,गोपल जाट,जगदीश बैरवा सहित अनेक प्रगतिशील कृषको ने अपने सुझाव दिये जिन्हें विकसित राजस्थान 2047  विजन डाकूमेन्ट हेतु राज्य स्तर पर भेजा जायेगा।

Previous
Next

Related Posts