Saturday, 29 August 2026

रींगस से खाटूश्याम बाबा के हर दिन 17 किलोमीटर पैदल दर्शन का संकल्प लेने वाली आरती टांक की सड़क दुर्घटना में मौत अजमेर प्रेस क्लब के अध्यक्ष ने जताया दुख


रींगस से खाटूश्याम बाबा के हर दिन 17 किलोमीटर पैदल दर्शन का संकल्प लेने वाली आरती टांक की सड़क दुर्घटना में मौत अजमेर प्रेस क्लब के अध्यक्ष ने जताया दुख

सड़क हादसे में कार की टक्कर से खाटूबाबा की भक्त आरती टांक की मौत हो गई। टक्कर के बाद कार पेड़ से टकरा गई। वहीं युवती 20 फीट उछलकर सड़क पर जाकर गिरी। हादसे में जान गंवाने वाली भक्त आरती टांक श्याम बाबा की परम भक्त थी। वह सरकारी हॉस्पिटल में संविदा पर नौकरी छोड़कर बाबा की सेवा में लग गई थी। वह हर दिन पदयात्रा करके बाबा को निशान चढ़ाने जाती थी।

हादसा रींगस में खाटूश्यामजी सड़क मार्ग पर बुधवार दोपहर करीब साढे 3 में हुआ। टक्कर मारने के बाद कार सवार चार लोग भाग गए। रींगस थाना एसआई दिप्ती रानी ने बताया मौके पर मौजूद लोगों ने आरती को हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आरती टांक  पुत्री रामस्वरूप टांक मूल रूप से भूणाबाय अजमेर की रहने वाली थी। हाल रींगस में वृंदावन धर्मशाला में रहती थी। बुधवार को  रींगस के खाटूश्यमाजी मोड पर बाबा श्याम के ध्वज की पूजा-अर्चना करके बाबा की पदयात्रा के लिए जा रही थी। रींगस से 6 किलोमीटर दूर लाखनी टोल प्लाजा से 600 मीटर आगे निकलते ही रींगस की ओर से आ रही स्विफ्ट कार ने टक्कर मार दी। आरती 20 फीट उछलकर दूर जा गिरी। इसके बाद कार पेड़ से जा टकराई। कार में कुल चार लोग सवार थे, जिसमें एक महिला भी थी। हादसे के बाद चारों भाग गए। हादसे की सूचना परिजनों को दे दी गई है। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। कार को जब्त किया गया है।

आरती खाटूबाबा की परम भक्त थी। दो साल पहले उस समय चर्चा में आईं, जब वह देवउठनी एकादशी पर बाबा के दर्शन करने आई थी। तब उसने संकल्प लिया था कि फाल्गुनी मेले की एकादशी तक रोजाना खाटूश्याम की पदयात्रा करेंगी। इन पदयात्राओं से 5100 ध्वज बाबा के मंदिर में चढ़ाएगी। अपना संकल्प पूरा करने के लिए आरती इन दिनों हर दिन रींगस से खाटूश्यामजी 17 किलोमीटर की पदयात्रा कर रही थी। बाबा खाटूश्यामजी की आराधना करने के लिए 70 किलो वजन का निशान उठाकर पैदल चलती थी

आरती अजमेर की रहने वाली थीं। नौकरी छोड़ने के बाद खाटू में ही रहकर श्याम की भक्ति करती थी और रोजाना रींगस से खाटू श्याम तक पदयात्रा कर बाबा को ध्वजा चढ़ाती थी। कभी 21 तो कभी 51 ध्वजा लेकर वे पदयात्रा में नाचते-गाते चलती थी। रास्ते में चलते लोग भी आरती के साथ चल पड़ते थे ।

आरती की भक्ति को देखकर  खाटु से रींगस आने जाने वाले सवारी गाड़ी वाले भी कभी किराया नही लेते थे। श्याम दीवानी आरती टांक की अंतिम संस्कार गुरुवार को 2 बजे  भोपो का बाड़ा शमशानस्थल पर किया जाएगा।

अजमेर में इस हादसे की सुचना अजमेर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज कुमार दाधिच ने संवेदना व्यक्त कर दुखःप्रकट किया।  

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